अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में सैद्धांतिक सहमति, तनाव घटाने की ओर बढ़ा कदम

अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक संबंधों में लंबे समय से तनाव बना रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ता है। ऐसे में लंदन में हुई यह वार्ता और उस पर बनी सैद्धांतिक सहमति एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि मूलभूत मुद्दों जैसे व्यापार घाटा और तकनीकी निर्भरता पर अभी भी स्पष्टता नहीं है, लेकिन संवाद की बहाली और रूपरेखा पर सहमति द्विपक्षीय विश्वास बहाली की दिशा में अहम कदम है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अगली बैठकों में कितनी ठोस प्रगति होती है और क्या यह वैश्विक व्यापार संतुलन में स्थायित्व ला पाती है।

लंदन में अमेरिका और चीन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के बीच दो दिवसीय वार्ता का सफल समापन हुआ। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य व्यापार से जुड़े मतभेदों को दूर करना और वार्ता की प्रक्रिया को पुनः सक्रिय करना था। वार्ता का केंद्र बिंदु खनिज और तकनीकी निर्यात से जुड़ी जटिलताओं को सुलझाना था, जो पिछले महीने जिनेवा में हुए एक नाजुक समझौते को प्रभावित कर रही थीं।

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अमेरिका चीन व्यापार वार्ता 2025 (प्रतीकात्मक फोटो)

चीन के वाणिज्य उपमंत्री और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिनिधि ली चेंगगांग ने बताया कि दोनों पक्ष एक रूपरेखा पर सैद्धांतिक सहमति तक पहुंच गए हैं, जिसका उद्देश्य जिनेवा में बनी सहमति को लागू करना है। चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इस बात की पुष्टि की।

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