भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने करीब चार साल रेपो रेट बढ़ा दिया है। आबीआई के इस फैसले के बाद तमाम सरकारी और प्राइवेट बैंकों ने होम से कार लोन पर ब्याज बढ़ा दिया है। इससे लोगों पर ईएमआई का बोझ बढ़ गया है। वहीं, जानकारों का कहना है कि लोन महंगा होने की यह बस शुरुआत है। अगले दो मौद्रिक पॉलिसी में ब्याज दरों में 0.50% से 0.75% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यानी आने वाले समय में लोन और महंगा हो सकता है। ऐसे में अगर आप होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं तो आपको फिक्स्ड या फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लेना चाहिए। अगर आप इसको लेकर कंफ्यूजन में हैं तो हम आपको इसका सही जवाब देते हैं।
होम लोन
फिक्स्ड बनाम फ्लोटिंग होम लोन
RBI द्वारा रेपो रेट बढ़ाने के बाद, फ्लोटिंग-रेट होम लोन महंगे होंगे सकते हैं क्योंकि बैंक लोन की ब्याज दरें बढ़ी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि फ्लोटिंग-रेट लोन रेपो रेट जैसे बाहरी बेंचमार्क से जुड़े होते हैं। फिक्स्ड-रेट लोन में ब्याज दरें पहले से तय (लॉक) हो जाती हैं, जिससे लोन चुकाना आसान होता है। इसका मतलब है कि जिन लोगों ने पहले से फिक्स्ड-रेट लोन ले रखा है, उनकी EMI पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है।
अभी कौन सा विकल्प ज्यादा आकर्षक?
जब ऐसी उम्मीद होती है कि RBI रेपो रेट कम कर सकता है, तो ऐसे उधार लेने वालों को फायदा हो सकता है। हालांकि, मौजूदा हालात ने उधार लेने वालों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि दोनों में से कौन सा विकल्प ज्यादा आकर्षक हो सकता है।
फिक्स्ड होम लोन रेट आमतौर पर फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट से 1% से 2.5% ज्यादा होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि लेंडर भविष्य में मार्केट रेट बढ़ने के जोखिम को उठाने के लिए प्रीमियम लेते हैं।
उदाहरण: अगर कोई लेंडर मौजूदा फ्लोटिंग होम लोन रेट 8% पर देता है, तो उनका फिक्स्ड रेट 9-10.5% के बीच हो सकता है। RBI के रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाने के फैसले के साथ, लेंडर अब 8.25% पर लोन देगा। यह अभी भी फिक्स्ड रेट से काफी कम है। इससे बढ़ोतरी के बावजूद फ्लोटिंग रेट आकर्षक बना रहता है।
जल्द लोन सस्ता होने की उम्मीद नहीं
अगर महंगाई की चिंता बनी रहती है और व्यापक आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो RBI आने वाली तिमाहियों में लगातार रेट बढ़ा सकता है। नतीजतन, उधार लेने वालों को अपने EMI बजट में संभावित बदलावों के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।
इन विकल्पों के बीच चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आप फिक्स्ड रेट की निश्चितता चाहते हैं या फ्लोटिंग रेट के जोखिम के साथ सहज हैं। फैसला करने से पहले, आपको किसी एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए और आर्थिक नजरिए और अन्य डेटा जैसे पहलुओं पर चर्चा करनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि भविष्य में फ्लोटिंग रेट किस दिशा में जा सकते हैं। कई लेंडर हाइब्रिड लोन प्रोडक्ट भी देते हैं, जिसमें इंटरेस्ट रेट एक निश्चित शुरुआती अवधि के लिए फिक्स्ड रहता है और फिर अपने-आप फ्लोटिंग-रेट लोन में बदल जाता है।
