8th Pay Commission Update: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने हाल ही में 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दी है। अब सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों ये जानना चाहते हैं कि कब से लागू होगा। इस पर व्यय सचिव मनोज गोविल ने मनीकंट्रोल को बताया कि 2025-26 के बजट में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के कारण होने वाले किसी भी खर्च को शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि रिपोर्ट जमा होने और बाद में स्वीकृत होने में एक और साल लग सकता है। इससे पता चलता है कि यह वित्त वर्ष 2026-27 में लागू होने की संभावना है।
कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग (तस्वीर-Canva)
8th Pay Commission Update: रिपोर्ट आने में लगता है 1 साल का समय
वित्त मंत्रालय ने रक्षा और गृह मंत्रालय के साथ-साथ कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को आयोग के लिए संदर्भ की शर्तें सुझाने के लिए पत्र लिखा है, जिसके बाद केंद्र उन्हें मंजूरी देगा। गोविल ने कहा कि संदर्भ की शर्तें मंजूर होने के बाद आयोग काम करना शुरू कर देगा। गोविल ने मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में कहा कि पिछले आयोगों ने रिपोर्ट पेश करने में एक साल से ज्यादा समय लिया है। अगर आयोग मार्च 2025 में भी गठित होता है, तो रिपोर्ट मार्च 2026 तक आ जानी चाहिए, हालांकि इसमें एक साल से भी कम समय लग सकता है। इसलिए, वित्त वर्ष 26 के लिए हमें 8वें वेतन आयोग का कोई असर नहीं दिखता है।
8th Pay Commission Update: 2026 में खत्म होगा 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। वर्तमान में कार्यरत 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 2026 में समाप्त होने वाला है। सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बदलाव की सिफारिश करने के लिए 10 साल में एक बार वेतन आयोग का गठन किया जाता है। 8वें वेतन आयोग के कार्यान्वयन के बाद अतिरिक्त लागत का प्रारंभिक अनुमान सरकार के पास है या नहीं, इस पर गोविल ने कहा कि आयोग को उन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना होगा, जिनका वे सामना कर रहे हैं।
8th Pay Commission Update: कब स्वीकार होगी आयोग की सिफारिशें?
सचिव ने कहा कि हमारे पास 7वें वेतन आयोग के तहत लागत के बारे में कुछ जानकारी है, लेकिन हर आयोग अलग होता है, उनके सामने आने वाली परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए यह आयोग को तय करना होगा, लेकिन इसका वित्त वर्ष 26 के बजट पर भी असर पड़ने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि रिपोर्ट की उम्मीद सबसे पहले तब की जा सकती है जब बजट अवधि संभवतः समाप्त हो जाएगी। गोविल ने बताया कि भले ही आयोग की सिफारिश वित्त वर्ष 27 में स्वीकार कर ली जाए, लेकिन संभव है कि कुछ सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से उन तीन महीनों के लिए लागू की जाएं जो वित्त वर्ष 26 में आते हैं। लेकिन चूंकि वे बकाया होंगे, इसलिए व्यय को 2026-27 तक बढ़ा दिया जाएगा।
दूसरी ओर पीटीआई-भाषा के मुताबिक व्यय सचिव मनोज गोविल ने कहा कि वित्त मंत्रालय श्रम विभाग के साथ परामर्श कर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत करीब एक करोड़ ‘गिग’ श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना की रूपरेखा तैयार कर रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि सरकार ई-श्रम मंच पर ‘गिग’ कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र और पंजीकरण की व्यवस्था करेगी। साथ ही उन्हें पीएम जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जाएगी।
