8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के साथ पेंशनर्स को भी बड़ी उम्मीदें हैं। पेंशनर संगठनों ने आयोग के सामने सिर्फ पेंशन बढ़ाने की मांग नहीं रखी है, बल्कि पेंशन की गणना, मेडिकल सुविधाओं, पेंशन समानता और उम्र के साथ अतिरिक्त पेंशन समेत कई बदलावों का प्रस्ताव दिया है। भारत पेंशनर्स समाज ने न्यूनतम पेंशन ₹45,000 करने और 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है। हालांकि, ये पेंशनर संगठन की मांगें हैं, सरकार या 8वें वेतन आयोग की मंजूर घोषणा नहीं।
8वें वेतन आयोग के सामने पेंशनरों ने रखीं अपनी मांग
न्यूनतम पेंशन और फिटमेंट फैक्टर
भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने 8वें वेतन आयोग के सामने न्यूनतम पेंशन ₹45,000 करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ पेंशन को आखिरी वेतन का 67% और फैमिली पेंशन को आखिरी वेतन का 50% करने की मांग की गई है। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बेसिक पे ₹69,000 और 3.83 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव भी दिया गया है।
कम्यूटेड पेंशन में बदलाव
मेडिकल सुविधाओं को लेकर भी बड़ी मांग है। फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस को बढ़ाकर ₹5,000 प्रति महीने करने और CGHS में डॉक्टर, विशेषज्ञ, दवाइयों तथा कैशलेस इलाज की सुविधाएं बढ़ाने की मांग की गई है। ग्रामीण और नॉन-सीजीएचएस क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनर्स के लिए भी बेहतर कैशलेस मेडिकल सुविधा की मांग है।
कम्यूटेड पेंशन की बहाली का समय 15 साल से घटाकर 11 साल करने या 71 साल की उम्र में बहाली की मांग की गई है।
पेंशन पैरिटी और OPS की भी मांग
भारत पेंशनर्स समाज ने अलग-अलग तारीख पर रिटायर हुए समान कर्मचारियों के बीच पेंशन में असमानता दूर करने के लिए पेंशन पैरिटी की मांग की है। इसके अलावा ओल्ड पेंशन स्कीम यानी ओपीएस बहाल करने का मुद्दा भी उठाया गया है।
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