8th Pay Commission Salary Hike: केंद्र सरकार में काम करने वाले लाखों कर्मचारी 8वें वेतन आयोग का ब्रेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आज यानी 31 दिसंबर, 2025 को 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल खत्म हो रहा है। वैसे तो 1 जनवरी से नया वेतन आयोग लागू होने की संभावना बिल्कुल नहीं है क्योंकि आयोग ने अपनी रिपोर्ट अभी तक सरकार को नहीं सौपी है। हालांकि, इस बीच सैलरी और पेंशन को लेकर कायास जरूर लगाए जा रहे हैं। हां, यह जरूर है कि नए वेतन आयोग लागू होने पर सरकार अपने कर्मचारियों को नए साल से एरियर जोड़ कर दे सकती है। खैर, आज हम आपको बता रहे हैं कि 6वें और 7वें वेतन आयोग के दौरान सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हुई थी। इससे 8वें वेतन आयोग के लिए अनुमान लगाना आसान होगा। आइए आपको पूरी जानकारी देते हैं।
8वें वेतन आयोग
छठे वेतन आयोग में सैलरी बढ़ोतरी
आपको बता दें कि छठे वेतन आयोग में, 1.92 फिटमेंट फैक्टर के कारण बेसिक पे में 1.92 गुना बढ़ोतरी हुई थी। न्यूनतम बेसिक पे 5वें वेतन आयोग में 3,200 रुपये से बढ़कर 7,440 रुपये हो गया था, जबकि अधिकतम बेसिक पे 5वें वेतन आयोग में 30,000 रुपये से बढ़कर 90,000 रुपये हो गया था
सातवें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ोतरी
7वें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, इसलिए बेसिक सैलरी और पेंशन में भी 2.57 गुना बढ़ोतरी हुई थी। न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,440 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई, जबकि अधिकतम सैलरी 90,000 रुपये से बढ़कर 2,50,000 रुपये हो गई।
अब 8वें वेतन आयोग से क्या है उम्मीद?
8वें वेतन आयोग के लिए, एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि फिटमेंट फैक्टर 1.8 और 2.86 के बीच होगा (सटीक आंकड़े अभी आधिकारिक तौर पर नोटिफाई नहीं किए गए हैं)। ज्यादा फैक्टर का मतलब है बेसिक सैलरी में ज़्यादा बढ़ोतरी। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि 8वें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर 2.15 है।
ऐसे में किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। अगर 8वें वेतन आयोग में 2.15 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो रिवाइज्ड या अनुमानित बेसिक सैलरी मौजूदा बेसिक सैलरी को 2.15 से गुणा करके कैलकुलेट की जाएगी।
यानी 18,000 रुपये × 2.15 = 38,700 रुपये
इसका मतलब है कि अगर फिटमेंट फैक्टर 2.15 तय किया जाता है, तो जो कर्मचारी अभी 18,000 रुपये बेसिक सैलरी कमाता है, उसकी रिवाइज्ड बेसिक सैलरी बढ़कर 38,700 रुपये हो सकती है।
