आंकड़ों की बात करें तो 23 मार्च से अब तक 13 लाख से ज्यादा 5 किलो वाले सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। फरवरी में जहाँ इसकी दैनिक बिक्री 77,000 थी, वहीं अब यह बढ़कर 1 लाख प्रतिदिन के पार पहुँच गई है। इस बढ़ती लोकप्रियता की मुख्य वजह इसकी आसान उपलब्धता है, क्योंकि इसे लेने के लिए ग्राहकों को न तो लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ता है और न ही किसी जटिल कागजी कार्रवाई की जरूरत होती है।आज के भागदौड़ भरे जीवन में एलपीजी सिलेंडर हमारी रसोई की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। जहां बड़े परिवारों में 14.2 किलो वाले भारी सिलेंडरों का उपयोग होता है, वहीं अकेले रहने वाले छात्रों, कामकाजी लोगों और छोटे परिवारों के लिए 5 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। इसे 'छोटू सिलेंडर' या 'फ्री ट्रेड एलपीजी' (FTL) भी कहा जाता है। लेकिन इस सिलेंडर के साथ एक सामान्य सवाल जो अक्सर पूछा जाता है, वह यह है कि इसे दोबारा कितने दिनों के बाद भरवाया जा सकता है? क्या इसके लिए भी 15 या 25 दिनों का लंबा इंतजार करना पड़ता है?
रिफिलिंग और वेटिंग पीरियड का नियम
आमतौर पर 14.2 किलो वाले घरेलू सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए सरकारी नियम काफी कड़े हैं। एक बार बुकिंग करने के बाद अगली बुकिंग के लिए आपको कम से कम 25 दिनों का इंतजार करना अनिवार्य होता है। लेकिन 5 किलो वाले 'छोटू सिलेंडर' के मामले में यह कहानी पूरी तरह अलग है। चूंकि यह सिलेंडर अक्सर उन लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है जिनकी जरूरतें सीमित हैं और जिनके पास गैस खत्म होने पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती, इसलिए इस पर कोई कड़ा 'वेटिंग पीरियड' लागू नहीं होता। अगर आपका 5 किलो वाला सिलेंडर 5 या 10 दिनों में ही खत्म हो जाता है, तो आप इसे तुरंत रिफिल करवा सकते हैं। कई शहरों में तो 'ऑन-द-काउंटर' सुविधा उपलब्ध है, जहां आप अपनी एजेंसी पर जाकर खाली सिलेंडर देकर महज 10 मिनट में भरा हुआ सिलेंडर ले सकते हैं।
शहरों और गांवों में अलग हैं नियम
5 किलो वाले सिलेंडर की रिफिलिंग के लिए शहरों और गांवों में नियम थोड़े अलग हैं। बड़े शहरों में जहां पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर की भरमार है, वहां आप किसी भी समय अपनी एजेंसी या अधिकृत पेट्रोल पंप पर जाकर इसे बदल सकते हैं।यहां वेटिंग पीरियड लगभग शून्य होता है। वहीं ग्रामीण इलाकों में, जहां गैस एजेंसियों की पहुंच सीमित हो सकती है, वहां बुकिंग के बाद डिलीवरी मिलने में एक से दो दिन का समय लग सकता है। हालांकि, कागजी तौर पर तेल कंपनियां जैसे इंडेन, एचपी या भारत गैस छोटे सिलेंडरों की रिफिलिंग पर कोई राज्यवार पाबंदी नहीं लगाती हैं। पांच किलो वाले एलपीजी सिलेंडर (छोटू) की रिफिलिंग के लिए एक तय समय सीमा निर्धारित की गई है। अगर आप शहर में रहते हैं, तो आप हर 9 दिनों के अंतराल पर अपना सिलेंडर दोबारा भरवा सकते हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए यह समय सीमा थोड़ी अधिक है; गांवों में रहने वाले ग्राहक 16 दिनों के अंतराल के बाद ही रिफिलिंग के लिए बुकिंग कर सकते हैं। यह नियम गैस के समान वितरण को सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है।
अड्रेस प्रूफ के बिना भी मिल जाएगा
छोटू सिलेंडर की सबसे बड़ी खूबी इसकी फ्लेक्सिबिलिटी है। अगर आप किसी नए शहर में शिफ्ट हुए हैं और आपके पास कोई स्थानीय निवास प्रमाण (Local Address Proof) नहीं है, तो भी आप केवल अपना आधार कार्ड दिखाकर नया कनेक्शन ले सकते हैं। इसे खरीदना और रिफिल कराना उतना ही आसान है जितना कि किराने की दुकान से सामान लाना। यह सुविधा उन प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए बहुत मददगार है जो अक्सर एक शहर से दूसरे शहर प्रवास करते रहते हैं।
अबतक 13 लाख 5 किलो वाले सिलेंडर बिके
आंकड़ों की बात करें तो 23 मार्च से अब तक 13 लाख से ज्यादा 5 किलो वाले सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। फरवरी में जहाँ इसकी दैनिक बिक्री 77,000 थी, वहीं अब यह बढ़कर 1 लाख प्रतिदिन के पार पहुँच गई है। इस बढ़ती लोकप्रियता की मुख्य वजह इसकी आसान उपलब्धता है, क्योंकि इसे लेने के लिए ग्राहकों को न तो लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ता है और न ही किसी जटिल कागजी कार्रवाई की जरूरत होती है।
