2025 Top Performing Assets की फेरहिस्त में यूं तो Gold-Silver शीर्ष पर हैं। गोल्ड ने इस साल जहां करीब 80 फीसदी और सिल्वर ने करीब 180 फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं, Mining Company Midwest Gold Share निवेशकों के लिए सोने की खान साबित हुआ है। इसने निवेशकों की ऐसी चांदी की है कि महज एक साल में 4,000 फीसदी से ज्यादा का धांसू रिटर्न दिया है। साल की शुरुआत में 117 का रहा यह शेयर अब 4825 रुपये तक पहुंच गया है। इस तरह मिडवेस्ट गोल्ड ने गोल्ड-सिल्वर की तुलना में निवेशकों को कई गुना ज्यादा रिटर्न दिया है।
रॉकेट की तरह उड़ा ये स्टॉक (फोटो क्रेडिट, ओपन एआई)
एक साल में निवेशकों की किस्मत पलटी
BSE के डाटा के मुताबिक Midwest Gold का शेयर 1 जनवरी, 2025 को करीब ₹117 के स्तर पर था। ठीक एक साल बाद, 30 दिसंबर, 2025 को इसने ₹5050 का 52-वीक हाई छू लिया। फिलहाल शेयर ₹4700–₹4800 के आसपास ट्रेड कर रहा है।
रिटर्न की तस्वीर चौंकाने वाली
इस शेयर का 2025 में YTD रिटर्न करीब 4000% है। वहीं, 1 साल का रिटर्न करीब 4100% से ज्यादा है। इसके अलावा 5 साल में इसने 45,000% से ज्यादा का रिटर्न दिया है। जनवरी 2021 में इस शेयर की कीमत करीब 10 रुपये थी इस तरह पांच साल में इसने 45 हजार फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ दिखाई है और अब यह 4800 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है।
नतीजों से भी मिला सपोर्ट
कंपनी ने मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के नतीजों में मुनाफे में जोरदार ग्रोथ रिपोर्ट की है। Midwest Gold की तरफ से BSE को दी गई फाइलिंग के मुताबिक इस तिमाही में ₹72.57 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। जबकि, पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹37.46 लाख का नुकसान हुआ था। हालांकि, ऑपरेशनल रेवेन्यू घटकर ₹52,000 रह गया, लेकिन अन्य आय ₹1.75 करोड़ तक पहुंच गई, जिसने कुल मुनाफे को मजबूत सहारा दिया।
मार्केट कैप और मौजूदा स्थिति
BSE के आंकड़ों के मुताबिक Midwest Gold का मार्केट कैप ₹5235 करोड़ से ज्यादा हो चुका है। बीते एक महीने में शेयर करीब 21%, जबकि पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन में 7% से ज्यादा चढ़ चुका है।
सब अच्छा ही नहीं, कुछ जोखिम भी
Midwest Gold की कहानी बताती है कि कमोडिटी बूम के दौरान माइनिंग कंपनियों के शेयर कई बार खुद कमोडिटी से भी ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं। हालांकि, ऐसे शेयरों में उतार-चढ़ाव भी तेज होता है। यानी रिटर्न के साथ रिस्क भी उतना ही बड़ा है। इसके अलावा इस शेयर से जुड़े कुछ टेक्निकल रिस्क भी हैं। Screener के डाटा के मुताबिक फिलहाल शेयर अपनी बुक वैल्यू की तुलना में 67.2 गुना ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा कंपनी का इंट्रेस्ट कवरेज रेश्यो काफी कम है। जबकि, उधारी का चक्र काफी लंबा है। कंपनी को पैसा करीब 295 दिनों में वापस मिलता है। इसके अलावा पिछले 3 साल में कंपनी में प्रमोटर्स की होल्डिंग में 9.12% की कमी आई है।
