2025 में भी IPO का रहेगा जलबा, 2024 का भी तोड़ सकता है रिकॉर्ड, धड़ाधड़ मिलेंगे पैसा कमाने के मौके

IPOs in India: बहुराष्ट्रीय कंपनियां (एमएनसी) अपनी सहायक कंपनियों को भारतीय शेयर बाजारों में पहली बार लिस्ट कर भारत को लिस्टिंग डेस्टिनेशन के रूप में पसंद करती हैं। पिछले साल कम से कम 91 कंपनियों ने सार्वजनिक रूप से लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये जुटाए।

IPOs in India: एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत बुनियादी बातों और लचीली अर्थव्यवस्था की वजह से भारतीय इक्विटी बाजारों में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के लिए एक और रिकॉर्ड तोड़ने वाला साल देखने को मिल सकता है। देश में अब तक सभी क्षेत्रों में फंडराइजिंग एक्टिविटी व्यापक रही हैं।

कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग की रिपोर्ट के अनुसार, भू-राजनीतिक जोखिमों और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू निवेश ने लचीलापन प्रदान किया। निवेश बैंक के अनुसार, पिछले साल 500 मिलियन डॉलर के 30 से अधिक सौदों के साथ, अलग-अलग उत्पादों में सौदों का आकार लगातार बढ़ रहा है।

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