ये 16 बड़े लेन-देन अब इनकम टैक्स की नजर से नहीं बचेंगे; एक छोटी सी गलती और घर पहुंच जाएगा नोटिस

क्या आप जानते हैं कि आपके बैंक अकाउंट पर इनकम टैक्स विभाग की नजर हमेशा बनी रहती है? अब वो दिन लद गए जब बड़े लेन-देन छिपाना आसान था। अब बैंक, म्यूचुअल फंड कंपनियां और यहां तक कि रजिस्ट्रार ऑफिस भी आपके बड़े खर्चों की रिपोर्ट सीधे टैक्स विभाग को देते हैं। आइए आपको बताते हैं आखिर किन 16 तरह की ट्रांजेक्शन पर इनकम टैक्स की नजर रहती है?

डिजिटल इंडिया के दौर में अब हर वित्तीय गतिविधि का एक डिजिटल पदचिह्न (Digital Footprint) होता है। इनकम टैक्स विभाग अब Statement of Financial Transactions (SFT) के जरिए आपकी हर बड़ी हलचल पर नजर रखता है। विभाग ने बैंकों और अन्य संस्थानों के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि वे एक तय सीमा से अधिक के लेन-देन की जानकारी खुद विभाग को दें। इसका मतलब है कि अगर आप अपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में कोई जानकारी छिपाते हैं, तो विभाग के पास मौजूद डेटा तुरंत उसे पकड़ लेगा।

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कैश और बैंक ट्रांजैक्शन पर सख्त पहरा

सबसे ज्यादा नजर आपके कैश ट्रांजैक्शन पर होती है। अगर आप एक वित्त वर्ष में अपने बचत खाते (Savings Account) में ₹10 लाख या उससे अधिक नकद जमा करते हैं या निकालते हैं, तो इसकी जानकारी तुरंत विभाग को मिल जाती है। चालू खाते (Current Account) के लिए यह सीमा ₹50 लाख है। इसके अलावा, अगर आप ₹10 लाख से ज्यादा की FD (Fixed Deposit) करवाते हैं, भले ही वह कैश में हो या ऑनलाइन, बैंक को इसकी रिपोर्ट करनी पड़ती है। कई लोग सोचते हैं कि अलग-अलग बैंकों में छोटी-छोटी FD करवाकर वे बच जाएंगे, लेकिन अब पैन कार्ड (PAN) लिंक होने की वजह से सारा डेटा एक जगह इकट्ठा हो जाता है।

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