First scooter with airbag: दोपहिया वाहन सेफ्टी के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करते हुए Yamaha Tricity 300 को दुनिया के पहले एयरबैग वाले स्कूटर के रूप में पेश किया गया है। यह स्कूटर खास तौर पर बेहतर संतुलन और स्थिरता के लिए तीन पहियों के साथ डिजाइन किया गया है। अब इसमें एयरबैग जैसे एडवांस सेफ्टी फीचर को शामिल कर इसे और सुरक्षित बना दिया गया है। इस स्कूटर में दिया गया एयरबैग फ्रंट एप्रन में लगाया गया है और यह एडवांस सेंसर के जरिए काम करता है। जैसे ही सामने से टक्कर होती है, एयरबैग तुरंत खुलकर राइडर को आगे की ओर गिरने से बचाता है और चोट के जोखिम को कम करता है।
दुनिया का पहला एयरबैग वाला स्कूटर (Photo: Yamaha)
डिजाइन और टेक्नोलॉजी में भी बड़ा अपग्रेड
2026 मॉडल में स्कूटर के डिजाइन को और मॉडर्न और स्पोर्टी बनाया गया है। इसमें नई LED लाइटिंग, अपडेटेड फ्रंट बॉडी पैनल और स्प्लिट टेल लैंप दिए गए हैं, जो इसे प्रीमियम लुक देते हैं। साथ ही, नए कलर ऑप्शन जैसे Milky White, Zen Green और Power Grey भी जोड़े गए हैं।
ब्रेकिंग सिस्टम
ब्रेकिंग सिस्टम को भी बेहतर किया गया है। इसमें नया Brake Control सिस्टम और Unified Braking System दिया गया है, जो अचानक ब्रेक लगाने पर बेहतर संतुलन और नियंत्रण सुनिश्चित करता है। इसके अलावा ट्रैक्शन कंट्रोल फीचर भी जोड़ा गया है, जिससे खराब सड़कों पर भी बेहतर ग्रिप मिलती है।
फीचर्स में स्मार्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
Yamaha Tricity 300 में मॉडर्न डिजिटल फीचर्स भी दिए गए हैं। इसमें 4.2 इंच का TFT डिस्प्ले और 2.8 इंच का LCD स्क्रीन मिलता है। साथ ही Garmin नेविगेशन और MyRide ऐप के जरिए स्मार्टफोन कनेक्टिविटी की सुविधा भी दी गई है, जिससे कॉल और म्यूजिक अलर्ट आसानी से मिलते हैं। इसके अलावा keyless start, बड़ा स्टोरेज स्पेस, पार्किंग ब्रेक और leaning multi-wheel सिस्टम जैसे फीचर्स इसे रोजमर्रा के उपयोग के लिए बेहद सुविधाजनक बनाते हैं।
इंजन और लॉन्च
इस स्कूटर में 292cc का इंजन दिया गया है, जो 28 PS की पावर और 28.9 Nm टॉर्क जनरेट करता है। यह ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आता है और लगभग 30.3 kmpl का माइलेज देने का दावा करता है। Yamaha Tricity 300 फिलहाल भारत में उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्कूटर में एयरबैग सिस्टम का शामिल होना सुरक्षा के प्रति बदलती सोच को दर्शाता है। भारतीय बाजार के संदर्भ में, दोपहिया वाहनों में इस तरह की एडवांस सेफ्टी तकनीकों को अपनाया जाना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में ये फीचर्स सामान्य (नॉर्म) बन सकते हैं।
