आज दुनियाभर में वर्ल्ड ईवी डे (World EV Day) मनाया जा रहा है। वर्ल्ड ईवी डे की शुरुआत साल 2020 में हुई थी। इसे सबसे पहले स्वीडन की कंपनी ABB और Green.TV ने मिलकर शुरू किया था। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के प्रति जागरूकता फैलाना है, ताकि पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह पर्यावरण-हितैषी और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा मिल सके।
World EV Day 2025/Photo-AI
वर्ल्ड ईवी डे का उद्देश्य
वर्ल्ड ईवी डे का मकसद है दुनिया को कार्बन-न्यूट्रल परिवहन की ओर ले जाना और लोगों को यह समझाना कि आने वाला भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों का है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को लेकर नई उम्मीदें और चुनौतियां दोनों देखने को मिल रही हैं। सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों के लगातार प्रयासों से देश में ईवी अपनाने की गति तेज हुई है।
भारत के ईवी सेक्टर के लिए नीतियां
भारत सरकार ने हाल ही में ईवी सेक्टर के लिए नई नीतियां और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की हैं, जिनमें बैटरी निर्माण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सब्सिडी पर विशेष ध्यान दिया गया है। FAME-II स्कीम और विभिन्न राज्यों की ईवी पॉलिसियों ने इलेक्ट्रिक दोपहिया और तीनपहिया वाहनों की बिक्री को मजबूती दी है।
आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में भारत में ईवी की बिक्री में 35% की वृद्धि दर्ज की गई। खासतौर पर दोपहिया ईवी बाजार में तेजी देखी गई है, क्योंकि यह आम लोगों के लिए अधिक किफायती विकल्प साबित हो रहे हैं। वहीं, प्रमुख कार निर्माताओं जैसे टाटा मोटर्स, महिंद्रा, हुंडई और एमजी मोटर ने अपनी ईवी रेंज का विस्तार किया है।
हालांकि, चुनौतियां भी कम नहीं हैं। चार्जिंग स्टेशनों की कमी, बैटरी की ऊंची कीमत और ग्रामीण क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमाएं ईवी अपनाने की रफ्तार को धीमा कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अगले पांच सालों में चार्जिंग नेटवर्क मजबूत हो जाता है, तो भारत ईवी अपनाने के मामले में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल हो सकता है।
बाजार में तेजी से हो रहा विकास
- बिक्री में वृद्धि: 2024-25 में भारत में 30 लाख से ज़्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 45% की वृद्धि दिखाता है।
- विकास दर का अनुमान: इंडिया एनर्जी स्टोरेज एलायंस (IESA) की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2030 के बीच भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार 49% की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ सकता है।
- बाजार मूल्य: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, 2030 तक भारतीय ईवी बाजार का आकार 20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
ईवी लॉन्च करने वाली प्रमुख कंपनियां
भारतीय कंपनियां
- टाटा मोटर्स (Tata Motors): यह भारतीय ईवी बाजार में सबसे आगे है। कंपनी ने नेक्सन ईवी, पंच ईवी, टियागो ईवी, टिगोर ईवी और हैरियर ईवी जैसे कई लोकप्रिय मॉडल लॉन्च किए हैं।
- महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra): महिंद्रा इलेक्ट्रिक एसयूवी और कमर्शियल वाहनों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उनके प्रमुख मॉडलों में XUV400 ईवी, BE6 और XEV9e शामिल हैं।
- हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp): यह कंपनी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में सक्रिय है।
- टीवीएस मोटर्स (TVS Motors): यह भी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के बाजार में एक मजबूत दावेदार है।
- ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric): इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में ओला का दबदबा है और यह बिक्री के मामले में अग्रणी कंपनियों में से एक है।
अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां
- एमजी मोटर (MG Motor): यह ब्रिटिश कंपनी ZS ईवी और कॉमेट ईवी जैसे मॉडल बेच रही है और भारतीय बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति बना रही है।
- टेस्ला (Tesla): टेस्ला ने हाल ही में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार, टेस्ला मॉडल Y, को भारत में लॉन्च किया है।
- हुंडई (Hyundai): हुंडई अपनी आयोनिक 5, कोना और क्रेटा ईवी जैसे मॉडलों के साथ बाजार में मौजूद है।
- वोल्वो (Volvo): यह कंपनी भी अपनी इलेक्ट्रिक कारों के साथ भारतीय बाजार में आ रही है, जिसमें वोल्वो EX30 भी शामिल है।
- विनफास्ट (VinFast): वियतनाम की यह कंपनी भारत में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार, VinFast VF6 और VF7 लॉन्च करने की तैयारी में है।
- बीवाईडी (BYD): चीनी कंपनी बीवाईडी भी भारतीय बाजार में BYD Atto 3 और Seal जैसे मॉडल बेच रही है।
