केंद्र सरकार ने पुराने वाहनों के मालिकों को बड़ी राहत दी है। अब 15 साल पुरानी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन बढ़ाकर 20 साल तक किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए ज्यादा फीस चुकानी होगी। इसका मतलब है कि पुरानी गाड़ी को अब 5 साल और चलाया जा सकेगा। यह आदेश सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं बल्कि पूरे देश में लागू होगा।
इसके अलावा अब 20 साल पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन रिन्यू करना महंगा हो गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए नई फीस लिस्ट जारी की है। यह नियम 20 अगस्त 2025 से लागू हो गया है और सभी फीस GST से अलग होंगी। इसके अलावा अगर आपके पास 15 साल पुरानी गाड़ी है तो आप उसे 5 साल और इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्यों बढ़ी फीस?
सरकार ने यह बदलाव "सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स (तीसरा संशोधन), 2025" के तहत किया है। इसका उद्देश्य पुराने, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को धीरे-धीरे सड़कों से हटाना और लोगों को नए वाहन खरीदने के लिए प्रेरित करना है।
नए नियम "सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स (तीसरा संशोधन), 2025" के तहत लागू किए गए हैं और इन्हें आधिकारिक गजट में प्रकाशित होने की तिथि से लागू माना जाएगा। नए प्रावधानों के अनुसार, इंसान चलित गाड़ी (Invalid carriage) का रिन्यूअल शुल्क ₹100 तय किया गया है। मोटरसाइकिल के लिए यह शुल्क ₹2,000 होगा। थ्री-व्हीलर या क्वाड्रिसाइकिल पर ₹5,000 देना होगा। हल्के मोटर वाहन (LMV) के लिए रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल फीस ₹10,000 होगी।
इसके अलावा, इम्पोर्टेड टू-व्हीलर के लिए ₹20,000 और इम्पोर्टेड फोर-व्हीलर के लिए ₹80,000 का शुल्क लिया जाएगा। वहीं, अन्य श्रेणी के वाहनों के लिए यह फीस ₹12,000 तय की गई है।
अलग-अलग वाहनों के लिए नई फीस
- इंसान चलित गाड़ी (Invalid carriage) का रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल शुल्क ₹100 होगा।
- मोटरसाइकिल के मालिकों को अब ₹2,000 देने होंगे।
- थ्री-व्हीलर या क्वाड्रिसाइकिल पर ₹5,000 का शुल्क लगेगा।
- हल्के मोटर वाहन (LMV) जैसे कार आदि पर ₹10,000 देना होगा।
- इम्पोर्टेड टू-व्हीलर का शुल्क ₹20,000 तय किया गया है।
- इम्पोर्टेड फोर-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन रिन्यू करने के लिए अब ₹80,000 देने होंगे।
- अन्य श्रेणी के वाहनों पर ₹12,000 का शुल्क लगेगा।
