दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कई अहम कदमों की घोषणा की है। इनमें 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने के साथ-साथ ‘No PUCC, No Fuel’ नीति को सख्ती से लागू करना भी शामिल है। इसके तहत दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर केवल उन्हीं गाड़ियों को पेट्रोल (Petrol), डीजल (Diesel), सीएनजी (CNG) या एलपीजी (LPG) दिया जाएगा, जिनके पास वैलिड पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (Pollution Under Control Certificate) होगा।
दिल्ली में बिना पीयूसी नहीं मिलेगा फ्यूल (AI Generated Image)
पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट क्या होता है
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के अनुसार, अक्टूबर से इसे लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा और नवंबर में PUC केंद्रों को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा, ANPR कैमरों से लैस करीब 500 पेट्रोल पंपों पर ‘End-of-Life’ वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में वाहन मालिकों के लिए यह जानना जरूरी है कि PUC Certificate क्या होता है और इसे कैसे लिया जा सकता है।
क्या होता है PUC Certificate?
PUC (Pollution Under Control Certificate) यह प्रमाणित करता है कि गाड़ी से निकलने वाला प्रदूषण निर्धारित उत्सर्जन मानकों के भीतर है। यह सभी ईंधन से चलने वाले वाहनों के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट है। गाड़ी का PUC टेस्ट किसी ऑथराइज्ड PUC सेंटर पर करवाया जाता है और मानकों के अनुरूप होने पर सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। दिल्ली में 730 से अधिक अधिकृत PUC सेंटर हैं। PUC Certificate में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर, टेस्ट की तारीख, उत्सर्जन की रीडिंग, सर्टिफिकेट का सीरियल नंबर और उसकी वैलिडिटी जैसी जानकारी दर्ज होती है।
कैसे होता है PUC टेस्ट?
अब सवाल यह भी कि पीयूसी टेस्ट की प्रक्रिया क्या होती है? दरअसल, PUC जांच के दौरान गाड़ी के एग्जॉस्ट से निकलने वाले प्रदूषक तत्वों की जांच गैस एनालाइजर से की जाती है। यह उपकरण उत्सर्जन की मात्रा रिकॉर्ड कर कंप्यूटर को भेजता है। साथ ही कैमरे से वाहन की नंबर प्लेट की तस्वीर ली जाती है। अगर उत्सर्जन निर्धारित सीमा के भीतर रहता है तो PUC Certificate जारी कर दिया जाता है।
कितने समय तक वैलिड रहता है सर्टिफिकेट
BS-IV और BS-VI मानकों वाले वाहनों के लिए PUC Certificate की वैधता 12 महीने होती है। पुराने उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों के लिए यह अवधि छह महीने है। पहली बार रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद वाहन के लिए वैध PUC रखना जरूरी होता है।
पीयूसी सर्टिफिकेट की कितनी होती है फीस
PUC Certificate बनवाने की फीस वाहन के प्रकार के अनुसार करीब 50 से 150 रुपये तक हो सकती है। वैलिड PUCC के बिना वाहन चलाने पर दिल्ली में 10,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
PUC Certificate ऑनलाइन कैसे डाउनलोड करें?
अधिकृत सेंटर पर जांच करवाने के बाद सर्टिफिकेट को Parivahan Sewa पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके लिए वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर के आखिरी पांच अंक और सिक्योरिटी कोड दर्ज करना होता है।
