यदि आप भी नई गाड़ी खरीदने के बाद रजिस्ट्रेशन के लिए आरटीओ के चक्कर लगाते हैं और पैसे भी खर्च करते हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है। तमिलनाडु में नए वाहन खरीदारों के लिए बड़ी राहत मिली है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अब नए टू-व्हीलर खरीदार ₹1,500 से ₹2,500 तक बचा सकते हैं, जबकि कार खरीदारों को ₹5,000 तक की बचत हो सकती है। ये वह राशि है जो पहले RTO शुल्क के रूप में ली जाती थी, जिसे अक्सर रिश्वत के तौर पर देने का आरोप भी लगता था।
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डीलर पॉइंट पर वाहन पंजीकरण की सुविधा
केंद्र सरकार के निर्देश पर तमिलनाडु परिवहन विभाग ने नॉन-ट्रांसपोर्ट वाहन (बाइक, कार, जीप) के लिए डीलर पॉइंट पर पंजीकरण की अनुमति दे दी है। इसका मतलब यह है कि नए वाहन को RTO में शारीरिक रूप से पेश करने की जरूरत नहीं।
परिवहन आयुक्त आर. गजलकृष्णी ने राज्य के सभी RTO और मोटर वाहन निरीक्षक कार्यालयों को इसका नोटिफिकेशन जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि पूरी तरह निर्मित वाहन की शारीरिक जांच अब पंजीकरण के लिए अनिवार्य नहीं होगी और केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 की धारा 48 बी को लागू किया जाएगा।
कैसे होगा नया पंजीकरण?
वाहन का मालिक तय होने के बाद, डीलर VAHAN पोर्टल पर निर्माता का चालान और जरूरी दस्तावेज अपलोड करेगा। RTO अधिकारी डीलर के आवेदन की जांच कर पंजीकरण संख्या जारी करेंगे। डीलर चेसिस और इंजन डिटेल्स VAHAN पोर्टल में दर्ज करेगा। पंजीकरण प्रमाणपत्र (स्मार्ट कार्ड) सीधे खरीदार के पते पर स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज दिया जाएगा।
अदालत का आदेश
यह कदम मद्रास हाईकोर्ट के 2024 के आम आदेश के बाद आया है, जिसे FADA, नई दिल्ली द्वारा दायर याचिका के बाद लागू किया गया। राज्य सरकार की सुप्रीम कोर्ट में अपील खारिज होने के बाद हाईकोर्ट ने अक्टूबर में इस आदेश को लागू करने की अंतिम तारीख दी थी।
RTO शुल्क
पहले नए वाहन खरीदारों से अतिरिक्त RTO शुल्क लिया जाता था, जिसे अक्सर डीलर ईंधन, ड्राइवर भत्ते, स्टाफ खर्च और अन्य खर्चों के लिए उचित ठहराते थे। अब यह शुल्क समाप्त होने से खरीदारों को सीधे काफी पैसे की बचत होगी और वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया भी तेज़ और आसान हो जाएगी।
