भारत में इथेनॉल मिश्रित ईंधन (Ethanol Blended Fuel) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में अब लग्जरी कार निर्माता Mercedes-Benz India ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि भारत में बिकने वाले उसके सभी पेट्रोल वाहन अब E25 पेट्रोल के साथ पूरी तरह अनुकूल (Compatible) हैं। यानी जनवरी 2026 से बिकने वाली ये कारें 25% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर भी सुरक्षित रूप से चल सकती हैं।
भारत में Mercedes Benz की सभी पेट्रोल गाड़ियां हुईं अब E25-रेडी (AI Generated Image)
क्या है E25 पेट्रोल?
E25 पेट्रोल में 75% सामान्य पेट्रोल और 25% इथेनॉल का मिश्रण होता है। इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने और दूसरे कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। इसे पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में अधिक पर्यावरण-अनुकूल ईंधन माना जाता है, क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलती है। सरकार का उद्देश्य चरणबद्ध तरीके से अधिक इथेनॉल मिश्रित ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है, जिससे विदेशी तेल आयात पर खर्च भी कम हो सके।
Mercedes-Benz ग्राहकों को क्या मिलेगा फायदा?
Mercedes-Benz India के इस फैसले से कंपनी के ग्राहकों को भविष्य में E25 पेट्रोल उपलब्ध होने पर उनकी कार की अनुकूलता को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी। कंपनी के अनुसार, उसके सभी मौजूदा पेट्रोल मॉडल इस ईंधन के साथ चलने के लिए तैयार हैं। इससे ग्राहकों को किसी अतिरिक्त तकनीकी बदलाव या मॉडिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
Mercedes-Benz का मानना है कि बायोफ्यूल का इस्तेमाल बढ़ाने से कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी। E25 जैसे ईंधन के इस्तेमाल से पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटेगी और भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को भी मजबूती मिलेगी। कंपनी का यह कदम सरकार की ग्रीन और सस्टेनेबल मोबिलिटी की नीति के अनुरूप माना जा रहा है।
भविष्य में क्या होगी चुनौती?
हालांकि Mercedes-Benz ने अपने पेट्रोल वाहनों को E25 के लिए तैयार कर दिया है, लेकिन कंपनी का मानना है कि भविष्य में अगर इथेनॉल मिश्रण की मात्रा और बढ़ाई जाती है तो पूरी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को पर्याप्त तैयारी का समय मिलना चाहिए। कंपनी का कहना है कि नई तकनीक के अनुसार इंजन और फ्यूल सिस्टम में बदलाव के लिए वाहन निर्माताओं को समय देना जरूरी होगा। साथ ही, सड़क पर पहले से चल रहे पुराने वाहनों को भी ध्यान में रखना होगा, क्योंकि वे अधिक इथेनॉल मिश्रित ईंधन के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते।
