Maruti Suzuki Swift Hybrid: मारुति सुजुकी ने हाल ही में नई जनरेशन स्विफ्ट हैचबैक बड़े बदलावों के साथ लॉन्च की है। अब बारी है 2024 स्विफ्ट हाइब्रिड की जिसकी टेस्टिंग कंपनी ने भारतीय सड़कों पर शुरू कर दी है। मारुति सुजुकी स्विफ्ट फिलहाल 1.2-लीटर जेड सीरीज इंजन दिया गया है, जल्द इस हैचबैक को माइल्ड हाइब्रिड सेटअप वाला इंजन दिया जाएगा। ग्लोबल मार्केट में सुजुकी स्विफ्ट के साथ 1.2-लीटर जेड सीरीज माइल्ड हाइब्रिड सिस्टम दिया गया है, इसे ही संभवतः भारतीय मार्केट में पेश किया जाएगा। ये इंजन स्टैंडर्ड इंजन से दमदार है जो 82 बीएचपी ताकत और 112 एनएम पीक टॉर्क जनरेट करता है।
मारुति सुजुकी स्विफ्ट फिलहाल 1.2-लीटर जेड सीरीज इंजन दिया गया है।
पैसा वसूल फीचर्स से लोडेड
नई जनरेशन स्विफ्ट के साथ नया 9-इंच का फ्री-स्टैंडिंग टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है। इसके अलावा नई डिजाइन के एसी पैनल्स और सेंटर कंसोल, नई केबिन थीम, आर्कमीज साउंड सिस्टम, वायरलेस चार्जर, टाइप सी चार्जिंग पोर्ट, वायरलेस स्मार्टफोन कनेक्टिविटी, पूरी तरह नया डैशबोर्ड और कई सारे हाइटेक फीचर्स नई जनरेशन मारुति सुजुकी स्विफ्ट के साथ दिए हैं। 2024 स्विफ्ट को 5 वेरिएंट्स - एलएक्सआई, वीएक्सआई, वीएक्सआई ओ, जेडएक्सआई और जेडएक्सआई प्लस में लॉन्च किया गया है।
धाकड़ माइलेज देता है नया इंजन
त्योहारी सीजन के बावजूद भारतीय वाहन मार्केट की बहार इस बार नदारद रही है, यही वजह है कि इस नई-नवेली कार पर इतना बड़ा डिस्काउंट दिया गया है। बिल्कुल नई मारुति सुजुकी स्विफ्ट के साथ नया 1.2-लीटर जेड-सीरीज तीन-सिलेंडर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया गया है। ये इंजन मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से लैस है और 80 बीएचपी के साथ 112 एनएम पीक टॉर्क बनाता है। कंपनी का दावा है कि मैनुअल गियरबॉक्स के साथ ये इंजन 25.75 किमी/लीटर माइलेज देता है, वहीं ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन में इसका माइलेज 24.80 किमी/लीटर है।
सेफ्टी के मामले में भी जोरदार
अब तक मारुति सुजुकी स्विफ्ट की सेफ्टी रेटिंग काफी निराशाजनक रही है, लेकिन चौथी जनरेशन हैचबैक को कंपनी ने बहुत सुरक्षित बनाया है। इसके सभी वेरिएंट्स को 6 एयरबैग्स मिले हैं, वहीं 3 पॉइंट सीटबेल्ट भी सभी सीट्स के लिए दिए गए हैं। कंपनी ने नई जनरेशन स्विफ्ट को तैयार करने में करीब 1,450 करोड़ रुपये का निवेश किया है। बता दें कि देश के पैसेंजर वाहन मार्केट की बिक्री में भारी कमी दर्ज की गई है। ऐसे में सभी कंपनियां अब जोरदार डिस्काउंट देकर अपना मौजूदा स्टॉक 2024 खत्म होने से पहले क्लीयर करने की भरपूर कोशिश करेंगी।
