ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) किसी भी वाहन चालक के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है। यह केवल वाहन चलाने की कानूनी अनुमति ही नहीं देता, बल्कि कई जगह पहचान पत्र के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में अगर आपका ड्राइविंग लाइसेंस खो जाए, चोरी हो जाए या किसी वजह से खराब हो जाए तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। परिवहन विभाग डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सुविधा प्रदान करता है। इस आर्टिकल में आपको डुप्लीकेट डीएल बनवाने का ही तरीका बता रहे हैं-
डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस कैसे बनवाएं (AI Generated Image)
डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस क्या होता है?
सबसे पहले तो यही समझें कि डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस मूल लाइसेंस का ही दूसरा एडिशन होता है। इसमें वही डिटेल्स और वैलिडिटी रहती है, जो आपके पुराने लाइसेंस में थी। इसे खोए हुए, चोरी हुए या खराब हो चुके लाइसेंस के स्थान पर जारी किया जाता है।
कौन-से डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत
- आवेदन पत्र
- पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि)
- निवास प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- पुराने ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी (यदि उपलब्ध हो)
- पुलिस शिकायत या एफआईआर की कॉपी (कुछ मामलों में)
- निर्धारित शुल्क की रसीद
डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट राज्य और आरटीओ के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है।
ऑनलाइन ऐसे बनेगा डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस
- सबसे पहले https://parivahan.gov.in/ वेबसाइट पर आएं।
- अब Other Services पर क्लिक कर अपना राज्य चुनें
- अब Apply For Duplicate DL पर क्लिक करें।
- अब डीएल नंबर, डीओबी और कैप्चा एंटर करें।
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
- आवेदन जमा करें और उसकी रसीद डाउनलोड कर लें।
कुछ मामलों में दस्तावेज सत्यापन के लिए आरटीओ कार्यालय जाना पड़ सकता है।
ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?
अगर आप ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते हैं,तो सीधे अपने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। वहां आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं और निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होता है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद डुप्लीकेट लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।
कितने समय में मिलता है डुप्लीकेट लाइसेंस?
आवेदन और दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस आमतौर पर कुछ दिनों से लेकर कुछ सप्ताह के भीतर जारी कर दिया जाता है। यह समय राज्य और आरटीओ के कार्यभार पर निर्भर करता है।
