Car Sleeping Safety: कई बार वाहन चालक थकान की वजह से आराम करने के लिए कार में ही सो जाते हैं। थकान की वजह से कार में ही चालक को गहरी नींद भी आ जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो ध्यान दें बंद कार के अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस, गर्मी या ज्यादा ठंड जैसे कारणों से यह स्थिति जानलेवा बन सकती है। इसलिए ऐसी स्थिति के लिए सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है।
Car Sleeping Safety (Photo: iStock)
कार्बन मोनोऑक्साइड गैस एक बड़ा खतरा
कार में इस तरह सोने को लेकर सबसे बड़ा खतरा कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का है। यह गैस कार के एग्जॉस्ट से निकलती है और बंद जगह में इकट्टी हो सकती है। कार्बन मोनोऑक्साइड का न तो कोई रंग होता है और न ही उसकी गंध होती है, इसलिए जब आप इसे सांस के जरिए लेते हैं तो शरीर में ऑक्सीजन का स्तर घटने लगता है। ऐसी स्थिति में आप बेहोश हो सकते हैं और कई बार यह स्थिति जानलेवा भी बन जाती है।
गर्मी और ठंड में भी खतरा
गर्मियों में 30 मिनट के अंदर ही कार के अंदर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर तक पहुंच सकता है, जिससे हीटस्ट्रोक का जोखिम बनता है। वहीं सर्दियों की रातों में अंदर की तापमान जीरो से नीचे गिर सकता है, जिससे हाइपोथर्मिया यानी बॉडी टेम्प्रेचर का बेहद कम होने का खतरा रहता है।
गलत जगह गाड़ी रोकना
रोड पर थकावट की वजह से गलत जगह रुकना भी खतरनाक हो सकता है। हाईवे के कच्चे किनारों या अंधेरी जगहों पर सोना तेज गति से गुजरती गाड़ियों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है और कार चालक की सुरक्षा को भी खतरे में डाल सकता है।
सुरक्षित रहने के कुछ उपाय-
- इंजन को कभी चालू रखकर न सोएं, इससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का खतरा और बढ़ता है।
- रात में कार पार्क करते समय सुरक्षित और लोकल कैमरों वाली जगहों को चुनें।
- अगर जरूरी हो तो थोड़ी‑थोड़ी देर के नैप्स लें और फोन में अलार्म सेट करें।
- कार के शीशे हल्के से खुले रखें, इससे ऑक्सीजन का बहाव बना रहता है।
- अगर आप थके हुए हैं तो नजदीक के रेस्तरां, होमटेल या रेस्ट एरिया में रुकें।
