National Summit on VRUs and Road Safety: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने बृहस्पतिवार को कहा कि सड़क सुरक्षा का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है और सरकार का ध्यान सड़क दुर्घटनाओं को शून्य करने की दिशा में काम करने पर होना चाहिए।
सड़क सुरक्षा पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन
टम्टा ने वीआरयू और सड़क सुरक्षा पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विचारों पर काम करना चाहिए। इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत जेन टॉड ने सड़क दुर्घटनाओं को एक मूक महामारी बताया और पैदल यात्रियों, साइकिल सवारों व दोपहिया चालकों जैसे असुरक्षित उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा की मांग की।
उन्होंने कहा कि 2021 में भारत में 1.54 लाख सड़क मौतें हुईं और इनमें अधिकतर युवा व रोज कमाने वाले लोग थे। टॉड ने हर बाइक के साथ दो गुणवत्तापूर्ण हेलमेट अनिवार्य करने और मराकेश घोषणा के अनुरूप कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा, "भारत को अब संवाद नहीं, कार्रवाई चाहिए-वह भी तुरंत।"
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘सड़क सुरक्षा पाठशाला’ का शुभारंभ था। यह आठ से 13 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए ‘ट्रैक्स’ द्वारा विकसित एक सड़क सुरक्षा मॉड्यूल है।
नीति आयोग, BIS और WHO के प्रतिनिधियों की अहम बातें
नीति आयोग के उप सलाहकार अमित भारद्वाज ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों और दोपहिया वाहनों की संख्या पिछले दशक में दोगुनी हो गई है, जिससे दुर्घटनाओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है।
BIS के निदेशक मित्रा सेन वर्मा ने नकली हेलमेट निर्माण पर छापेमारी के लिए सहयोग का आश्वासन दिया, जबकि WHO के डॉ. मोहम्मद असील ने भारत के कड़े सड़क सुरक्षा कानूनों की सराहना की लेकिन उनके क्रियान्वयन की कमी को उजागर किया।
सड़क सुरक्षा पाठशाला और मिशन 2.0 का शुभारंभ
सम्मेलन में 8 से 13 वर्ष के बच्चों के लिए तैयार की गई "सड़क सुरक्षा पाठशाला" पुस्तक का शुभारंभ किया गया, जो कहानी आधारित सीखने के जरिए बच्चों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगी।
स्टीलबर्ड हाई-टेक प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक राजीव कपूर ने नकली हेलमेटों की समस्या को उजागर करते हुए ‘मिशन 2.0’ की शुरुआत की और भारत में हेलमेट निर्माण के लिए 6,000 करोड़ रुपये निवेश की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम के दौरान ट्रैक्स और डॉ. अखिलेश दास गुप्ता प्रोफेशनल स्टडीज संस्थान के बीच 'रोड सेफ्टी एक्सीलेंस सेंटर' की स्थापना के लिए समझौता भी किया है।
