सरकार कर रही है BS-7 लाने की तैयारी, बदल जाएंगे ये नियम

भारत सरकार जल्द ही BS-7 से संबंधित नए नियम लेकर आ सकती है। इन नियमों के तहत किसी भी इंजन से निकलने वाले प्रदूषकों और उनके कारकों की पहचान की जाती है और पर्यावरण की रक्षा के लिए उन पर रोक लगाई जाती है। 2017 में पहली बार पूरे देश में BS-4 नियमों को लागू किया गया था। इसके बाद 2020 में BS-6 संबंधित नियमों को लागू किया गया था। हालांकि इन नियमों की वजह से प्रदूषण का स्तर तो काम होता है लेकिन वाहनों की कीमत में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है।

BS-7 Norms: देश में बढ़ते हुए हवा प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए सरकार अब BS-7 नियम लेकर आने के बारे में विचार कर रही है। हर बार की तरह ये नियम पिछली बार से ज्यादा सख्त होंगे। पर्यावरण के नजरिए से परिवहन क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए यह नियम जरूरी हैं। आपको बता दें की 2010 में पहली बार BS-3 नियमों को 13 शहरों में लागू किया गया था। इसके बाद 2017 में देश भर में BS-4 संबंधित नियमों को लागू किया गया। साल 2020 में BS-6 संबंधित नियमों को देशभर में लागू कर दिया गया था। इन नियमों के तहत वाहनों से निकलने वाले धुएं में मौजूद प्रदूषकों और उनके कारकों की पहचान की जाती है और उन्हें कम करने के लिए सख्त कदम उठाए जाते हैं। हालांकि नियमों की वजह से प्रदूषण का स्तर तो काम होता है लेकिन वाहनों की कीमत में बढ़ोतरी हो जाती है। दरअसल सख्त नियमों की वजह से वाहनों में नई तकनीक का इस्तेमाल करना पड़ता है जिसकी वजह से वाहनों की कीमतें बढ़ जाती हैं।

BS 7 Norms

सरकार जल्द लेकर आ रही है BS-7 नियम

यूरोप की राह पर भारत

जिस तरह भारत में वाहनों पर 'भारत स्टेज' संबंधित नियम लागू किए गए हैं, ठीक उसी तरह से यूरोप में भी वाहनों के एमिशन पर नियंत्रण के लिए नियमों को लागू किया गया है। हाल ही में यूरोपियन कमीशन ने साल 2025 से कारों पर यूरो 7 एमिशन संबंधित नियम लागू करने का प्रस्ताव पेश किया था। इसी को देखते हुए भारत ने भी BS-7 नियमों को लागू करने का फैसला किया है। वाहनों से निकलने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने के साथ-साथ यह नियम इसलिए भी जरूरी है क्योंकि भारत यूरोप को कारें एक्सपोर्ट करता है।

End of Feed