Foxconn Vedanta Breakup: ताईवान की कंपनी फॉक्सकॉन ने भारत में सेमीकंडक्टर चिप बनाने के लिए भारत की वेदांता से हाथ मिलाया था। ये डील 1.5 लाख करोड़ से भी ज्यादा की आंकी गई थी, हालांकि अब फॉक्सकॉन ने इस डील से पीछे हटने का फैसला किया है। इस बात पर यूनियन मिनिस्टर राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि दोनों कंपनियों को ही पहले से सेमीकंडक्टर चिप बनाने का कोई अनुभव नहीं है, और हम इस प्लान को टेक्नोलॉजी पार्टनर के जरिए करवाना चाह रहे थे। उन्होंने ये भी कहा कि इस फैसले का भारत में सेमीकंडक्टर तैयार करने के लक्ष्य पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।
इस फैसले का भारत में सेमीकंडक्टर तैयार करने के लक्ष्य पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। - राजीव चंद्रशेखर
फॉक्सकॉन का इस इकाई के साथ कोई संबंध नहीं
कंपनी ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी। होन हाई टेक्नोलॉजी ग्रुप (फॉक्सकॉन) ने कहा कि वह सेमीकंडक्टर उद्यम से फॉक्सकॉन का नाम हटाने का प्रयास कर रही है। कंपनी ने कहा, "फॉक्सकॉन का इस इकाई के साथ कोई संबंध नहीं है। मूल नाम बनाए रखने से भविष्य के अंशधारकों के लिए असमंसज की स्थिति पैदा होगी।"
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करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाना था
ठेके पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण करने वाली कंपनी फॉक्सकॉन ने पिछले साल वेदांता के साथ मिलकर गुजरात में सेमीकंडक्टर बनाने और डिस्प्ले उत्पादन संयंत्र लगाने का करार किया था। इसमें करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाना था। फॉक्सकॉन ने बयान में कहा कि परस्पर करार के तहत अधिक विविधता वाले अवसरों की संभावनाएं तलाशने के लिए फॉक्सकॉन ने वेदांता के साथ संयुक्त उद्यम पर आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया है।
‘मेक इन इंडिया’ पहल का समर्थन करते रहेंगे
बयान के मुताबिक, होन हाई टेक्नोलॉजी ग्रुप (फॉक्सकॉन) और वेदांता ने पिछले एक साल में सेमीकंडक्टर के विचार को वास्तविकता बनाने के लिए काफी काम किया। कंपनी ने इसे एक अच्छा अनुभव बताते हुए कहा कि आगे चलकर इससे दोनों कंपनियों को मदद मिलेगी। बयान में कहा गया है, "फॉक्सकॉन भारत के सेमीकंडक्टर विकास की दिशा को लेकर आशान्वित है। हम सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल का मजबूती से समर्थन करते रहेंगे।"
