महिंद्रा एंड महिंद्रा ने ग्राहकों की उन आशंकाओं को दूर कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि E20 फ्यूल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) पुराने वाहनों के इंजन पर असर डाल सकता है। कंपनी ने साफ किया है कि किसी भी समय बने वाहन पर, E20 फ्यूल इस्तेमाल करने के बावजूद, सभी वारंटी दावे पूरी तरह मान्य रहेंगे।
Mahindra cars e20 Petrol/Photo-Timesdrive
क्या कहा महिंद्रा ने?
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि उसके सभी पेट्रोल इंजन मौजूदा फ्यूल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप हैं और E20 के साथ सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किए जा सकते हैं। 1 अप्रैल 2025 के बाद बने वाहनों को खासतौर पर E20 के लिए कैलिब्रेट किया गया है ताकि परफॉर्मेंस पूरी तरह स्मूद रहे। पुराने मॉडल्स में ड्राइविंग कंडीशन के हिसाब से एक्सेलेरेशन या माइलेज में हल्का बदलाव आ सकता है, लेकिन इससे गाड़ी की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी वारंटी दायित्व पहले की तरह पूरी तरह लागू रहेंगे।
क्यों आया यह स्पष्टीकरण?
देशभर में E20 फ्यूल की सप्लाई शुरू होने के बाद कई वाहन मालिकों ने चिंता जताई थी कि कहीं यह नया फ्यूल इंजन की क्षमता, माइलेज या वारंटी पर असर न डाले। महिंद्रा का यह कदम ऐसे समय आया है जब गाड़ियों में क्लीन फ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर कदम उठा रही है।
कंपनी ने कहा कि वह भारत की बायोफ्यूल और सस्टेनेबिलिटी पहल के साथ खड़ी है और पहले भी सरकार द्वारा लाए गए ऊर्जा और ऑटोमोबाइल सेक्टर के बदलावों के अनुसार खुद को ढालती रही है। महिंद्रा का यह बयान ग्राहकों के लिए राहत की खबर है और यह सुनिश्चित करता है कि E20 फ्यूल से पुराने वाहनों को किसी तरह का बड़ा खतरा नहीं है।
