देश में सड़क हादसों को कम करने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से नए नियम (Car Safety Rules) पेश किए गए हैं। सरकार ने कारों की सुरक्षा से जुड़े कुछ मानकों को लागू करने की समयसीमा तय की है। वहीं, भविष्य में कारों के लिए ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (AEBS) अनिवार्य करने की योजना पर भी काम चल रहा है।
नए नियम बनाएंगे कारों को पहले से ज्यादा सुरक्षित (AI Generated Image)
अक्टूबर 2027 से लागू होंगे नए नियम
सरकार की नई अधिसूचना के मुताबिक, गाड़ियों में आगे और साइड से होने वाली टक्कर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नए मानक लागू होंगे। ये नियम नए कार मॉडल्स के लिए 1 अक्टूबर 2027 से प्रभावी होंगे। वहीं, पहले से बाजार में मौजूद मॉडल्स के लिए 1 अक्टूबर 2028 की समयसीमा तय की गई है। इसका उद्देश्य कारों को दुर्घटना के दौरान ज्यादा सुरक्षित बनाना है।
अलग-अलग चरणों में लागू होंगे नए सुरक्षा मानक
सरकार की ओर से गाड़ियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए मानक अलग-अलग चरणों में लागू किए जाएंगे। इनमें सामने (फ्रंटल क्रैश) और साइड से टक्कर होने पर यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। वहीं, पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए नए कार मॉडल्स पर 1 अक्टूबर 2028 से संशोधित मानक लागू करने और 1 अक्टूबर 2032 से FlexPLI टेस्ट उपकरण का इस्तेमाल अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।
पीछे से टक्कर होने की स्थिति में फ्यूल सिस्टम और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन की सुरक्षा से जुड़े मानक भी अपडेट किए जाएंगे। वहीं, सड़क हादसों से संबंधित डेटा रिकॉर्ड करने वाले इवेंट डेटा रिकॉर्डर (EDR) के लिए भी मानक लागू होंगे। चोरी से सुरक्षा बढ़ाने के लिए M1 श्रेणी की गाड़ियों यानी मुख्य रूप से यात्री कारों में इमोबिलाइजर की अनिवार्य फिटिंग के लिए 1 अक्टूबर 2027 की तारीख तय की गई है।
अपने आप ब्रेक लगाएगी कार
इसके अलावा, केंद्र सरकार अक्टूबर 2030 से नए कार मॉडल्स में एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (AEBS) अनिवार्य करने की योजना बना रही है। यह तकनीक सामने मौजूद वाहन या बाधा को पहचानकर टक्कर का खतरा होने पर ड्राइवर को अलर्ट करती है। जरूरत पड़ने पर कार अपने आप ब्रेक भी लगा सकती है।
