नई कार खरीदना कई लोगों का सपना होता है। लेकिन कार की कीमत या उसकी EMI ही आपका पूरा खर्च नहीं है। पेट्रोल-डीजल, इंश्योरेंस, सर्विसिंग और पार्किंग जैसे खर्च भी हर महीने के बजट को प्रभावित करते हैं। अगर इन खर्चों की सही प्लानिंग न की जाए, तो कार खरीदने की खुशी आर्थिक बोझ में बदल सकती है। नई कार खरीदने वालों को कौन-सी गलतियों से बचना चाहिए, आइए जानते हैं-
नई कार खरीद रहे हैं तो भूलकर भी न करें 5 गलतियां (Photo: iStock)
बजट से महंगी कार खरीदना
कई लोग अपनी पसंद या शौक के चलते ऐसी कार खरीद लेते हैं, जिसकी EMI चुकाना उनकी जेब पर भारी पड़ता है। इससे घर के जरूरी खर्चों और बचत के लिए कम पैसे बचते हैं। कार खरीदने से पहले अपनी आमदनी, मौजूदा EMI और घरेलू खर्चों का हिसाब लगाएं। ऐसी कार चुनें, जिसे खरीदने के साथ उसका मेंटेनेंस भी आसानी से कर सकें।
इंश्योरेंस के खर्च को नजरअंदाज करना
नई कार के साथ इंश्योरेंस मिलता है, लेकिन पॉलिसी के रिन्यूअल पर भी खर्च करना पड़ता है। समय के साथ प्रीमियम आपके बजट को प्रभावित कर सकता है। इसलिए रिन्यूअल से पहले अलग-अलग पॉलिसी की तुलना करें और उनके कवरेज को समझें। केवल प्रीमियम कम करने के लिए जरूरी सुरक्षा से समझौता न करें।
पेट्रोल-डीजल का खर्च कम आंकना
कार खरीदते समय कई लोग सिर्फ माइलेज देखते हैं, लेकिन रोजाना ऑफिस आने-जाने, ट्रैफिक और लंबी यात्राओं से फ्यूल का खर्च बढ़ सकता है। अपनी ड्राइविंग की आदतों और महीने में तय की जाने वाली दूरी के आधार पर ईंधन का बजट बनाएं। इससे बाकी खर्चों के लिए पैसे बचाकर रखना आसान होगा।
समय पर सर्विसिंग न कराना
पैसे बचाने के लिए कार की नियमित सर्विसिंग टालना महंगा पड़ सकता है। समय पर रखरखाव न होने से कार की परफॉर्मेंस और माइलेज प्रभावित हो सकते हैं। छोटी खराबी आगे चलकर बड़े रिपेयर खर्च की वजह बन सकती है। इसलिए कंपनी के निर्धारित सर्विस शेड्यूल का पालन करें और रखरखाव के लिए अलग से रकम रखें।
छोटे-छोटे खर्चों को नजरअंदाज करना
कार खरीदने के बाद पार्किंग, सफाई, एक्सेसरीज और अचानक होने वाली मरम्मत पर भी पैसा खर्च होता है। ये खर्च अलग-अलग देखने में छोटे लगते हैं, लेकिन समय के साथ बजट बढ़ा सकते हैं। गैरजरूरी एक्सेसरीज खरीदने से बचें और अचानक आने वाले वाहन संबंधी खर्चों के लिए कुछ रकम अलग रखें।
