सालों से यह परंपरा चली आ रही है कि धनतेरस और दिवाली के शुभ मुहूर्त पर गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री होती है। अगर आप भी इस धनतेरस या दिवाली नई कार खरीदने जा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आप नई कार की खरीद पर अगले साल 10000 रुपये तक का टैक्स रिफंड पा सकते हैं। आइए जानते हैं।
नई कार की खरीदारी
1% TCS देना होता है नई कार की खरीद पर
बता दें कि जब किसी वाहन की कीमत तय सीमा से अधिक हो जाती है, तो डीलर बिक्री के समय 1% TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) वसूलता है। यह कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है, बल्कि पहले से चुकाया गया टैक्स है, जिसका आप क्रेडिट क्लेम कर सकते हैं।
कार खरीदने पर टैक्स रिफंड किसे मिलता है?
अगर किसी मोटर वाहन की बिक्री कीमत ₹10 लाख से ज्यादा है, तो उसकी बिक्री पर 1% TCS लगाया जाता है। इस नियम का मकसद टैक्स विभाग को बड़ी रकम वाली खरीदारी पर नजर रखने में मदद करना है। डीलर लेन-देन के समय खरीदार से यह रकम वसूलता है और इसे खरीदार के परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) के तहत जमा कर देता है।
TCS रिफंड का दावा कैसे करें?
स्टेप 1: अपने कार डीलर या विक्रेता से फॉर्म 27D (TCS सर्टिफिकेट) लें और पक्का करें कि आपका पैन (PAN), कलेक्ट किए गए TCS की रकम और कलेक्शन की तारीख सही हैं। अगर आपको डीलर से सर्टिफिकेट नहीं मिला है, तो आप इसे TRACES पोर्टल से भी डाउनलोड कर सकते हैं।
स्टेप 2: अपने क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करें और चेक करें कि TCS आपके फॉर्म 26AS या AIS में दिख रहा है या नहीं। अगर यह वहां नहीं दिख रहा है, तो अपना ITR फाइल करने से पहले अपने डीलर से संपर्क करें।
स्टेप 3: उस वित्तीय वर्ष के लिए अपनी कुल आयकर देनदारी की गणना करें, जिसमें आपने कार खरीदी थी। अगर आपकी कुल कर देनदारी TCS की राशि से अधिक है, तो यह क्रेडिट आपके कर भुगतान को कम कर देगा। अगर आपकी कर देनदारी, वसूले गए TCS से कम है, तो आप अतिरिक्त राशि को रिफंड के रूप में क्लेम कर सकते हैं।
स्टेप 4: संबंधित वित्तीय वर्ष के लिए अपना ITR फाइल करें। रिटर्न सबमिट करने और ई-वेरीफाई करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपने फॉर्म 26AS या AIS में दिख रही TCS राशि का सही तरीके से क्लेम किया है।
हालांकि, अगर आपकी टैक्स देनदारी, जमा की गई TCS राशि से ज्यादा है, तो इस राशि को आपके बकाया टैक्स के साथ एडजस्ट कर दिया जाएगा। अगर आपकी टैक्स देनदारी, जमा की गई TCS राशि से कम है या शून्य है, तो आप बची हुई अतिरिक्त राशि को इनकम टैक्स रिफंड के रूप में क्लेम कर सकते हैं।
