BH Series Number Plate: भारत में बीएच सीरीज की नंबर प्लेट अब लोगों को मिलने लगी है जिसकी जानकारी सरकार ने कुछ समय पहले ही संसद में बयान जारी करके दी है. ये नंबर प्लेट उन लोगों के लिए बहुत काम की है जिनका देशभर के अलग-अलग राज्यों में ट्रांसफर होता रहता है. इस रजिस्ट्रेशन नंबर की शुरुआत किसी राज्य के लिए चिन्हित नहीं होगी, बल्कि इसकी शुरुआत में बीएच लिखा होगा. मसलन दिल्ली का नंबर डीएल और मध्य प्रदेश का नंबर एमपी से शुरू होता है, लेकिन यहां सारे नंबर्स बीएच से शुरू होंगे.
अब तक मंत्रालय सिर्फ नए वाहनों के साथ ही बीएच नंबर जारी कर रहा था
पुराने वाहनों के लिए भी बीएच नंबर
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक ताजा नोटिफिकेशन जारी करते हुए पुराने वाहनों के लिए भी बीएच सीरीज नंबर प्लेट दिए जाने की बात बताई है. पुराने वाहनों के लिए बीएच नंबर प्लेट लेने के लिए कुछ नियम और शर्तें हैं जिन्हें पूरा करने वाली गाड़ियों के लिए ही भारत सीरीज नंबर जारी किया जाएगा. अब तक मंत्रालय सिर्फ नए वाहनों के साथ ही बीएच नंबर जारी कर रहा था. बीएच सीरीज नंबर प्लेट लगने के बाद दूसरे राज्य में वाहन बेचते समय रजिस्ट्रेशन नंबर बदलवाने की जरूरत खत्म हो जाती है.
गाड़ी का नंबर बदलने की जरूरत खत्म
इस बीएच सीरीज नंबर के रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियों को अन्य राज्य में जाने पर रजिस्ट्रेशन नंबर बदलवाने की जरूरत नहीं होगी. केंद्रीय रोज ट्रांसपोर्ट और हाइवे मंत्री ने कुछ समय पहले ये जानकारी दी थी कि बीएच सीरीज अब लोगों के लिए पेश कर दी गई है. पहले इसे एक पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था जो बहुत कारगर साबित हुआ. इसमें बिना किसी झंझट कार मालिक एक राज्य से दूसरे राज्य शिफ्ट हो सकते हैं. बता दें कि फिलहाल डिफेंस, सेंट्रल और स्टेट गवर्मेंट के कर्मचारियों को बीएच सीरीज मिल रही है.
निजी कंपनी के कर्मचारियों को भी मिलेगी
सरकारी कर्मचारियों के साथ सेंट्रल और स्टेट पीसीयू को बीएच सीरीज का रजिस्ट्रेशन मिलेगा, इसके अलावा उन कंपनियों के प्राइवेट कर्मचारियों को भी ये नंबर मिलेगा जिनके दफ्तर 4 या उससे ज्यादा राज्यों में स्थित हैं. बीएच सीरीज नंबर के लिए आपको टैक्स भी चुकाना होगा जो 2 साल या इसके गुणात्मक यानी 4,6,8 साल के लिए भरना होगा. इस नंबर के 14 साल पूरे हो जाने पर सरकार इस टैक्स को सालाना वसूलने लगेगी और ये राशि आधी हो जाएगी.
