भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का देश की अर्थव्यवस्था में योगदान 22.75 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने लिखित संदेश में भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की बढ़ती भूमिका और भविष्य की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो रहा है और बेहतर सड़क व इंफ्रास्ट्रक्चर से ऑटो सेक्टर को नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने ऑटो इंडस्ट्री से इनोवेशन और उत्कृष्टता के साथ भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में योगदान देने की अपील की।
Auto Industry से देश की अर्थव्यवस्था को मिल रही रफ्तार (AI Generated Image)
जीएसटी कलेक्शन में 15 प्रतिशत योगदान
SIAM के मुताबिक, यह सेक्टर देश के कुल जीएसटी कलेक्शन में करीब 15 प्रतिशत योगदान देता है। वहीं, रोजगार के लिहाज से भी ऑटो इंडस्ट्री बेहद महत्वपूर्ण बनी हुई है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 3 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है।
पैसेंजर व्हीकल की बिक्री ने बनाया रिकॉर्ड
नई दिल्ली में आयोजित 66वें SIAM Annual Convention में सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के प्रेसिडेंट शैलेश चंद्र ने ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े कई महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 46 लाख पैसेंजर व्हीकल बिके। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इसमें 7.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सिर्फ घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि एक्सपोर्ट में भी इस सेगमेंट ने नया रिकॉर्ड बनाया। वित्त वर्ष 2025-26 में 9.1 लाख पैसेंजर व्हीकल का एक्सपोर्ट हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 17.5 प्रतिशत अधिक है।
टू-व्हीलर की बिक्री 2.17 करोड़ यूनिट के पार
भारत में बाइक और स्कूटर की मजबूत मांग का असर टू-व्हीलर बिक्री के आंकड़ों में भी दिखाई दिया। वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू बाजार में 2.171 करोड़ टू-व्हीलर की बिक्री हुई। यह टू-व्हीलर सेगमेंट की अब तक की सबसे ज्यादा घरेलू बिक्री है। सालाना आधार पर इसमें 10.7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। टू-व्हीलर एक्सपोर्ट में भी तेजी देखने को मिली। इस दौरान 51.8 लाख टू-व्हीलर का निर्यात हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 23.4 फीसदी ज्यादा है।
थ्री-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल में भी तेजी
थ्री-व्हीलर सेगमेंट ने भी वित्त वर्ष 2025-26 में अच्छी ग्रोथ दर्ज की। जहां घरेलू बिक्री 8.4 लाख यूनिट रही, जिसमें सालाना आधार पर 12.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, थ्री-व्हीलर का निर्यात 3.1 लाख से बढ़कर 4.6 लाख यूनिट हो गया, यानी 50.1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं, कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट की घरेलू बिक्री भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची। वित्त वर्ष 2025-26 में 10.80 लाख कमर्शियल व्हीकल बिके, जो पिछले साल की तुलना में 12.6 फीसदी ज्यादा हैं। इस सेगमेंट का एक्सपोर्ट भी 17.4 फीसदी बढ़कर 95 हजार यूनिट तक पहुंच गया।
EV की बढ़ती मांग ने बदली तस्वीर
भारतीय ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक व्हीकल की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ रही है। SIAM के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में देश में कुल EV रजिस्ट्रेशन 25 लाख यूनिट तक पहुंच गए। वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 19.7 लाख यूनिट था। यानी एक साल में EV रजिस्ट्रेशन में 24.7 फीसदी की वृद्धि हुई।
पैसेंजर व्हीकल, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर जैसे कई सेगमेंट में नए वाहनों के बीच EV की हिस्सेदारी दोहरे अंकों में बढ़ी है। SIAM के मुताबिक, सरकार की PM E-DRIVE योजना ने भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
E20 कंप्लायंट पेट्रोल वाहनों का निर्माण हो चुका शुरू
SIAM के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से पूरी ऑटो इंडस्ट्री ने पूरी तरह E20 कंप्लायंट पेट्रोल वाहनों का निर्माण शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य क्रूड ऑयल के आयात पर निर्भरता कम करने और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में योगदान देना है।
