Hyundai India Price Hike: कई बड़े वाहन निर्माताओं ने जनवरी 2024 से अपनी गाड़ियों के दाम बढ़ाने की घोषणा की है, अब इस लिस्ट में ह्यून्दे इंडिया भी शामिल हो गई है। कंपनी ने कच्चे माल की बढ़ती लागत, प्रतिकूल विनिमय दर और जिंस की कीमतों में वृद्धि का हवाला देते हुए अगले महीने से अपने वाहनों की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की। कंपनी ग्रैंड आई10 निओस से लेकर इलेक्ट्रिक एसयूवी आयोनिक 5 तक वाहन बेचती है। इनकी कीमत 5.84 लाख रुपये से 45.95 लाख रुपये के बीच है। हालांकि एक जनवरी 2024 से कीमत कितनी बढ़ाई जाएगी इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।
कंपनी ग्रैंड आई10 निओस से लेकर इलेक्ट्रिक एसयूवी आयोनिक 5 तक वाहन बेचती है।
ग्राहकों पर बोझ की चिंता
ह्यून्दे मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) की ओर से जारी बयान के अनुसार, कीमतों में वृद्धि कच्चे दाम की बढ़ती लागत प्रतिकूल विनिमय दर और अन्य कारणों के अलावा जिंस की कीमतों में वृद्धि के कारण है। एचएमआईएल के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) तरुण गर्ग ने कहा, ‘‘कंपनी हमेशा लागत वृद्धि को यथासंभव हद तक वहन करने की कोशिश करती है और यह सुनिश्चित करती है कि ग्राहकों पर बोझ न पड़े।’’
बन गया है एक ट्रेंड
वाहन निर्माताओं ने बीते कुछ सालों से नए कैलेंडर ईयर और नए वित्त वर्ष की शुरुआत होते की अपनी गाड़ियों की कीमत बढ़ाना एक ट्रेंड बना लिया है। चाहे मारुति सुजुकी हो या महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स हो या ऑडी और मर्सिडीज-बेंज सभी मुख्य वाहन निर्माताओं ने अभी से कारों के दाम बढ़ाने की घोषणा कर दी है। इनमें से कुछ ने कहा है कि कीमत में बढ़ोतरी पर विचार किया जा रहा है, हालांकि ये कंपनियां जनवरी 2024 से ही अपनी गाड़ियों के दाम बढ़ाएंगी। दिसंबर 2023 में अन्य प्रमुख वाहन निर्माता भी कारों और बाइक्स के दाम बढ़ाने की घोषणा करने वाले हैं।
घिसा-पिटा है कारण
बीते करीब 4-5 साल से आपने भी ध्यान दिया होगा कि सभी वाहन निर्माता सिर्फ लागत मूल्य में बढ़ोतरी और कमजोर होते रुपये का हवाला देते हैं। यानी बीते कई सालों से लगातार लागत मूल्य बढ़ रही है और रुपये भी बिना किसी स्थिरता के लगातार गिरा जा रहा है। वाहनों की लगातार बढ़ती कीमत अब ग्राहकों का बजट बिगाड़ने लगी हैं, हालांकि कंपनियां हर 6-8 महीने में मामूली इजाफा ही करती है। कुल मिलाकर आपको नए साल में अगर नया वाहन खरीदना है तो इसके लिए मौजूदा से ज्यादा कीमत अदा करनी होगी।
ग्राहकों पर बोझ
वाहन निर्माताओं द्वारा लागत मूल्य में बढ़ोतरी को एक हिस्सा वाहन निर्माता कंपनियां ग्राहकों के पाले में डालती हैं। इसे गाड़ियों की कीमत बढ़ाकर वसूल किया जाता है। वाहन निर्माता कंपनियों को पहली प्राथमिकता हमेशा ग्राहकों को देना चाहिए, इनमें से ज्यादातर यही करते हैं, लेकिन आए-दिन वाहनों की कीमत बढ़ाना कोई बहुत बड़ी आवश्यक्ता नजर नहीं आ रही है। जनवरी 2024 में वाहनों की कीमत बढ़ने वाली हैं, इसके बाद आप ये पाएंगे कि वित्त वर्ष बदलते ही, यानी मार्च-अप्रैल 2024 में भी कारों के दाम बढ़ाए जाएंगे।
