Shabri Jayanti 2021: श्री राम की भक्‍त शबरी की जयंती आज, जानें शबरी कथा और पूजा का महत्व

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 5, 2021, 07:50 AM IST

Shabri Jayanti 2021: शबरी श्री राम की बहुत बड़ी भक्त थी। हमारे देश में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शबरी जयंती हर साल मनाई जाती है।

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Shabri Jayanti 2021, Shabari Katha And Importance: शबरी श्री राम चंद्र की बहुत बड़ी भक्तन थी। उनका असली नाम श्रमणा था। शबर जाति में जन्म होने के कारण उनका नाम श्रमणा था। हिंदू धर्म के अनुसार माता शबरी ने प्रभु श्री रामचंद्र के दर्शन के लिए अनेकों साल तक धैर्य रखकर कड़ी तपस्या की थी। इसलिए उनका नाम शबरी पड़ गया। ऐसी भक्ति में लीन रहने वाली माता शबरी की कथा और उनके पूजा का महत्व आइएं जाने।

Shabri Jayanti 2021: श्री राम की भक्‍त शबरी की जयंती आज, जानें शबरी कथा और पूजा का महत्व

माता शबरी की कथा (Shabari Katha)

भीलों के राजा की पुत्री माता शबरी थी। उनका विवाह उनके पिता ने भील के राज कुमार से तय किया था। उनके विवाह के लिए उनके पिता ने यह कहा था, कि जब उनकी पुत्री की शादी होगी उस दिन सैकड़ों भैंस-बकरे की बली दी जाएगी। जब माता शबरी को इस बात का पता चला, तो उन्हें बड़ा दुख हुआ और वह यह सोचने लगी कि ऐसे विवाह का क्या फायदा जिसमे बेकसूर जानवरों की जान चली जाए। ऐसी विवाह करने से तो अच्छा विवाह न करना होगा। यह सोच कर वह रात में उठकर जंगल में चली गई। जब वह जंगल पहुंची, तो उन्होंने देखा कि हजारों ऋषि मुनि तपस्या में लीन होकर तप कर रहे हैं। वह यह देखकर सोचने लगी, कि मैं तो नीच जाति की हूँ, मैं इन तपस्वी के साथ इस जंगल में कैसे रह पाऊंगी। मुझे तो भजन, ध्यान और ऐसे भक्ति में लीन रहना बिल्कुल नहीं आता है। लेकिन माता शबरी के हृदय में भगवान श्री रामचंद्र के लिए बहुत ही स्नेह था।

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