Rajnath Singh: गलवान के वीरों को राजनाथ ने किया याद, बोले-बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 16, 2022, 03:55 PM IST

Rajnath Singh on Jammu Kashmir visit: केंद्र शासित प्रदेश के दौरे पर आए राजनाथ सिंह 17 जून को जम्मू में महाराजा गुलाब सिंह जी के 'राज्याभिषेक समारोह' की 200वीं वर्षगांठ में भी शामिल होंगे। राजनाथ सिंह ने बुधवार को ट्विटर पर बताया कि वह 16 एवं 17 जून को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर रहेंगे। 

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Rajnath Singh news: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को अपनी दो दिनों की यात्रा पर केंद्रशासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर पहुंचे। बारामूला में उन्होंने सेना के अधिकारियों के साथ लंच किया। इस मौके पर रक्षा मंत्री ने दो साल पहले 2020 में गलवान घाटी की झड़प में शहीद हुए सैनिकों को याद करते हुए कि जवानों को बलिदान देश कभी भूलेगा नहीं। सिंह ने अपने एक ट्वीट में कहा कि आज उन बहादुर जवानों की शहादत को वह याद कर रहे हैं जिन्होंने 15-16 जून 2020 की दरम्यानी रात सीमा की सुरक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त  हो गए। देश उनके पराक्रम, शौर्य एवं सर्वोच्च बलिदान को कभी भूलेगा नहीं। रक्षा मंत्री ने कहा, 'मैं उन बहादुरों को श्रद्धांजलि देता हूं।'

Rajnath Singh: गलवान के वीरों को राजनाथ ने किया याद, बोले-बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा

दो साल पहले गलवान घाटी में हुआ संघर्ष
बता दें कि करीब 45 सालों के बाद 15 जून 2020 को लद्दाख के गलवान घाटी में सीमा को लेकर भारत और चीनी सैनिकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। इस हिंसक झड़प में भारत की तरफ से करीब 20 जवान शहीद हुए। इस संघर्ष में चीन के भी सैनिक हताहत हुए लेकिन बीजिंग ने कभी आधिकारिक रूप से मारे गए अपने सैनिकों की संख्या नहीं बताई। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में यह कहा गया कि इस संघर्ष में चीन के करीब 40 सैनिक हताहत हुए। इस खूनी संघर्ष के बाद दोनों देशों के रिश्ते काफी तल्ख हो गए। दोनों देश टकराव के रास्ते पर बढ़ने लगे। पूरे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और इसके आस-पास सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं। चीन के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए भारत ने एलएसी के अग्रिम मोर्चों पर अपने सैनिकों की तादाद बढ़ा दी। 

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