DSR तकनीक क्या है? अल नीनो खतरे के बीच इस राज्य के किसान अपना रहे हैं खेती का नया तरीका

DSR Technology: पानी की कमी और बदलते मौसम के बीच आंध्र प्रदेश के किसान डीएसआर, एडब्ल्यूडी तथा वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे पानी की बचत और लागत में कमी हो रही है।

DSR Technology : आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के जेआर पुरम गांव के 52 वर्षीय किसान माज्जी सत्यम इन दिनों आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। उन्हें बारिश का इंतजार है, लेकिन इस बार मानसून में देरी और अल नीनो के प्रभाव की आशंका ने उनकी खेती की रणनीति बदल दी है। वर्षों से पारंपरिक तरीके से धान की खेती करने वाले सत्यम ने इस खरीफ सीजन में एक नई तकनीक अपनाने का फैसला किया है।

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अल नीनो की आशंका से किसानों ने जल-बचत वाली धान पद्धतियों की ओर किया रुख

पारंपरिक खेती छोड़ अपनाई नई तकनीक

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक सत्यम के पास पांच एकड़ जमीन और दो बोरवेल हैं। उनके परिवार में पीढ़ियों से धान की खेती होती रही है। पहले नर्सरी में धान के पौधे तैयार किए जाते थे और बाद में उन्हें पानी से भरे खेतों में रोपा जाता था। लेकिन इस बार उन्होंने डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) तकनीक अपनाने का निर्णय लिया है। सत्यम का कहना है कि पिछले साल मई में ही अच्छी बारिश हो गई थी, लेकिन इस बार बारिश नहीं हुई है। मौसम वैज्ञानिकों द्वारा अल नीनो के कारण कम बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में पानी बचाने वाली खेती की तकनीक उनके लिए बेहतर विकल्प बन गई है।

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