Rabi Crops : कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य सरकारों के साथ मिलकर बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का सही और वैज्ञानिक आकलन करें। हाल ही में कई राज्यों में अचानक मौसम खराब होने से गेहूं समेत रबी की खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। यह नुकसान ऐसे समय हुआ है जब फसलें करीब पक चुकी थीं और कटाई के लिए तैयार थीं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलों को नुकसान, आकलन के निर्देश (तस्वीर-istock)
समीक्षा बैठक में लिया गया अहम फैसला
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक देश की कृषि स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित एक बड़ी बैठक की अध्यक्षता करते हुए चौहान ने कहा कि मौसम की इस मार ने किसानों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि कई इलाकों में सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि ओलावृष्टि भी हुई, जिससे फसलें खेतों में गिर गईं और उनकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे तुरंत राज्यों से संपर्क करें और उन क्षेत्रों की पहचान करें जहां सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
नुकसान के सटीक आकलन पर जोर
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उनके नुकसान का आकलन पूरी पारदर्शिता और वैज्ञानिक तरीके से होना चाहिए। इससे बीमा दावों का निपटारा सही ढंग से किया जा सकेगा। उन्होंने फसल बीमा योजना से जुड़े अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे राज्य सरकारों के साथ तालमेल बनाकर काम करें, ताकि किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके। आमतौर पर राज्य सरकारें अपने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से राहत देती हैं, लेकिन केंद्र चाहता है कि बीमा योजना के तहत भी किसानों को पूरा लाभ मिले।
मौसम विभाग की चेतावनी और सतर्कता
चौहान ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में दो और ‘पश्चिमी विक्षोभ’ की चेतावनी दी है। इसका मतलब है कि आगे भी बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। इसको देखते हुए अधिकारियों को अलर्ट रहने और किसानों के लिए समय-समय पर सलाह जारी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे अपनी फसलों को बचाने के लिए जरूरी कदम उठा सकें।
सरकारी खरीद जल्द होगी शुरू
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि गेहूं और धान की सरकारी खरीद प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। उन्होंने कहा कि इस बार रबी फसलों का उत्पादन काफी अच्छा रहा है, लेकिन मौसम की मार से कुछ क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिले और खरीद प्रक्रिया में कोई परेशानी न आए।
दलहन फसलों की पूरी खरीद का भरोसा
तुअर, मसूर और उड़द जैसी दलहन फसलों को लेकर भी सरकार ने बड़ा भरोसा दिया है। चौहान ने कहा कि नाफेड और एनसीसीएफ जैसी सरकारी एजेंसियां किसानों द्वारा बेची जाने वाली पूरी फसल खरीदेंगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बाजार में इन फसलों के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे न जाएं, ताकि किसानों को नुकसान न हो।
गुणवत्ता पर जोर, प्रीमियम फसलों को बढ़ावा
कृषि मंत्री ने सिर्फ उत्पादन बढ़ाने के बजाय फसलों की गुणवत्ता पर ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने मध्य प्रदेश की ‘शरबती’ गेहूं का उदाहरण दिया, जिसे बाजार में सामान्य गेहूं की तुलना में 400 रुपये तक ज्यादा कीमत मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रीमियम किस्मों को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि किसान कम मात्रा में भी ज्यादा मुनाफा कमा सकें।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार बेमौसम बारिश से हुए नुकसान को लेकर गंभीर है और किसानों को राहत देने के लिए तेजी से कदम उठा रही है। सही आकलन, समय पर मुआवजा और बेहतर खरीद व्यवस्था के जरिए किसानों को इस मुश्किल समय से उबारने की कोशिश की जा रही है।
