नैनो यूरिया-नैनो डीएपी उर्वरकों पर संसदीय समिति की बड़ी चेतावनी, पहले लंबी जांच, फिर बड़े पैमाने पर इस्तेमाल

Nano Urea and Nano DAP Fertilizers: संसद की एक स्थायी समिति ने सरकार से नैनो तरल उर्वरकों के असर की सही जांच के लिए अलग-अलग फसलों पर लंबे समय तक खेत परीक्षण कराने की सिफारिश की है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय से जुड़ी इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उर्वरकों के आयात को रोकने और उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए नैनो उर्वरक पर व्यापक अध्ययन जरूरी है।

Nano Urea and Nano DAP Fertilizers: संसद की एक स्थायी समिति ने सरकार से कहा है कि नैनो तरल उर्वरक का असर समझने के लिए अलग-अलग फसलों पर लंबे समय तक खेतों में परीक्षण किए जाएं। समिति ने यह सुझाव ‘उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भरता और आयात कम करने’ पर आधारित अपनी रिपोर्ट में दिया। समिति को बताया गया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे नैनो-उर्वरक पौधों को पोषण देने का आधुनिक और कम खर्चीला तरीका बन रहे हैं। ये पारंपरिक यूरिया और डीएपी की तुलना में छोटी बोतलों में सस्ते दामों पर उपलब्ध होते हैं, जिससे किसानों को फायदा हो सकता है।

Nano Urea and Nano DAP Fertilizers

खाद क्रांति की तैयारी! नैनो उर्वरक पर देशभर में लंबा ट्रायल कराने का प्रस्ताव (तस्वीर- istock/x)

उत्पादन बढ़ाने और जागरूकता फैलाने पर जोर

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया कि नैनो उर्वरक के उत्पादन के लिए कम मात्रा में कच्चे माल की जरूरत होती है। इस वजह से सरकार नीतियों और कार्यक्रमों के जरिए इनके उत्पादन को कई गुना बढ़ा सकती है। समिति ने उर्वरक विभाग से किसानों के बीच नैनो उर्वरक की जानकारी और फायदे बताने की भी सिफारिश की।

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