Nano DAP Plant : देश की प्रमुख सहकारी संस्था इफको (IFFCO) ने उत्तर प्रदेश के दो स्थानों आंवला (बरेली) और फूलपुर (प्रयागराज) में नैनो लिक्विड डीएपी (DAP) का कॉमर्शियल उत्पादन शुरू कर दिया है। प्रत्येक संयंत्र की क्षमता दो लाख बोतल प्रतिदिन है, जिससे देश में इस उर्वरक की आपूर्ति में तेजी से बढ़ोतरी होगी।
यूपी में Nano DAP के दो नए प्लांट
IFFCO की उत्पादन क्षमता बढ़ी
इन दो नए प्लांट्स को मिलाकर, अब IFFCO के 5 नैनो उर्वरक प्लांट्स की कुल क्षमता 9.5 लाख बोतल प्रतिदिन हो गई है। यह क्षमता नैनो यूरिया और नैनो डीएपी दोनों के उत्पादन को शामिल करती है।
नैनो डीएपी: पारंपरिक डीएपी से बेहतर विकल्प
इफको का कहना है कि नैनो डीएपी लिक्विड पारंपरिक डीएपी की तुलना में अधिक प्रभावी है क्योंकि इसमें 100 नैनोमीटर से कम आकार के कण होते हैं। ये कण पौधों को पोषक तत्वों को बेहतर ढंग से अवशोषित करने में मदद करते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों में सुधार होता है।
इनोवेशन की दिशा में अग्रसर
इफको ने जून 2021 में दुनिया का पहला नैनो लिक्विड यूरिया और अप्रैल 2023 में नैनो डीएपी लॉन्च किया था। यह किसानों को एक स्मार्ट, टिकाऊ और किफायती उर्वरक विकल्प प्रदान करता है।
कीमत और उपलब्धता
नैनो यूरिया (500ml) की कीमत 240 रुपये है। नैनो डीएपी (500ml) की कीमत 600 रुपये है। इन्हें देशभर में इफको के डीलरों और केंद्रों से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
बड़ा निवेश, बड़ी उम्मीद
इफको के प्रबंध निदेशक यू एस अवस्थी के अनुसार, संस्था ने वर्ष 2017 से अब तक 2,000 करोड़ रुपये का निवेश नैनो यूरिया और नैनो डीएपी पर किया है। संस्था को उम्मीद है कि आने वाले 2–3 वर्षों में किसान बड़े पैमाने पर इन उर्वरकों को अपनाएंगे। (भाषा इनपुट के साथ)
