Agricultural Subsidy: पीएम किसान की तरह खाद-बीज की सब्सिडी का पैसा भी आएगा खाते में? जानिए क्या बोले कृषि मंत्री

Agricultural Subsidy: कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भविष्य में उर्वरक, बीज और कृषि उपकरणों के लिए सब्सिडी वितरण प्रत्यक्ष लाभ (direct benefit transfer) अंतरण (डीबीटी) के जरिये करने पर विचार किया जा सकता है।

Agricultural Subsidy: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने सोमवार को कहा कि सरकार खेती को सरल बनाने के लिए नीतिगत स्तर पर बदलाव लाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में उर्वरक, बीज और कृषि उपकरणों के लिए सब्सिडी वितरण प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिये करने पर विचार किया जा सकता है। सोमवार को अपने आवास पर गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किसानों के साथ बातचीत में कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि सरकार उर्वरक सब्सिडी पर 2,00,000 करोड़ रुपये तक खर्च करती है।

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किसानों को डीबीटी के जरिये मिल सकती है सब्सिडी

यूरिया पर दी जाती है इतनी सब्सिडी

चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि सरकार जो उर्वरक सब्सिडी (Fertilizer subsidy) देती है, उसकी लागत 2,00,000 करोड़ रुपये है। यूरिया की एक बोरी किसानों को 265 रुपये की पड़ती है, लेकिन इसकी कीमत 2,400 रुपये है। सब्सिडी कंपनी को जाती है। उर्वरक का इस्तेमाल अन्य उद्देश्यों के लिए भी किया जाता है। अगर कोई विश्वसनीय प्रणाली हो, तो किसानों को सीधे उनके खातों में सब्सिडी दी जा सकती है।

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