सरकारी खरीद में पारदर्शिता और सार्वजनिक धन के बेहतर उपयोग की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक नया मुकाम हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में Government e-Marketplace (GeM) के माध्यम से राज्य की खरीद ₹3,935 करोड़ तक पहुंच गई। पिछले वर्ष की तुलना में यह 113 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी प्रदर्शन के लिए नई दिल्ली में GeM के 10वें स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ को GeM Sustainable Procurement Award से सम्मानित किया गया।
छत्तीसगढ़ में सरकारी खरीद
यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि GeM के माध्यम से खरीद बढ़ने के साथ सरकारी खर्च में वास्तविक बचत भी हुई है। प्रतिस्पर्धी निविदाओं के जरिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने ₹130 करोड़ बचाए, जबकि पिछले तीन वर्षों में कुल बचत ₹235 करोड़ रही। यानी डिजिटल प्लेटफॉर्म ने खरीद प्रक्रिया को केवल आसान और पारदर्शी ही नहीं बनाया, बल्कि सरकारी खजाने पर खर्च का दबाव भी कम किया।
सरकारी खरीद में पारदर्शिता बढ़ी
GeM पर विभागों, निगमों और अन्य सरकारी संस्थाओं की खरीद बढ़ने से सामान और सेवाओं की कीमतों की खुली तुलना और प्रतिस्पर्धी बोली संभव हुई है। खरीद प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से जवाबदेही भी मजबूत हुई है। इससे सरकारी खरीद में पारदर्शिता के साथ बेहतर कीमत और बेहतर मूल्य हासिल करने की संभावना बढ़ी है।
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर छोटे कारोबारियों पर दिखाई दे रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से ₹1,800 करोड़ की खरीद हुई, जो पिछले वर्ष से 61 प्रतिशत अधिक है। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी ऊपर है। GeM ने छोटे उद्यमों के लिए सरकारी बाजार तक सीधे पहुंच का रास्ता खोला है, जिससे वे बिना बिचौलियों के अपनी क्षमता और प्रतिस्पर्धी कीमत के आधार पर सरकारी मांग का हिस्सा बन सकते हैं।
महिला उद्यमियों के लिए मौके बढ़े
सरकारी खरीद का यह विस्तार अब महिला उद्यमियों, SC/ST उद्यमों और स्टार्टअप्स तक भी तेजी से पहुंच रहा है। महिला उद्यमियों से खरीद में 97 प्रतिशत, SC/ST उद्यमियों को दिए गए ऑर्डर में 108 प्रतिशत और स्टार्टअप्स से खरीद में 178 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। खास तौर पर स्टार्टअप्स की यह वृद्धि बताती है कि सरकारी खरीद में नए उद्यमों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है।
इन आंकड़ों के पीछे एक बड़ा बदलाव दिखाई देता है—सरकारी खरीद अब केवल खर्च की प्रक्रिया नहीं, बल्कि उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने का माध्यम भी बन रही है। GeM के जरिए सरकार की मांग छोटे उद्योगों, महिला कारोबारियों, SC/ST उद्यमियों और स्टार्टअप्स तक पहुंच रही है। इससे सरकारी बाजार में भागीदारी का दायरा व्यापक हुआ है।
डिजिटल खरीद व्यवस्था से मिला फायदा
छत्तीसगढ़ की उपलब्धि का एक और महत्वपूर्ण पहलू है ‘वैल्यू फॉर मनी’। डिजिटल खरीद व्यवस्था में खुली प्रतिस्पर्धा, मानकीकृत प्रक्रिया और डिजिटल रिकॉर्ड के कारण सरकारी विभागों के सामने अधिक विकल्प उपलब्ध हुए हैं। इसका सीधा परिणाम खरीद में पारदर्शिता और लागत में कमी के रूप में सामने आया है।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि पारदर्शिता और सार्वजनिक धन का विवेकपूर्ण उपयोग सुशासन की बुनियाद है। सरकार का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से सरकारी खरीद को अधिक प्रतिस्पर्धी, प्रभावी और जवाबदेह बनाना है, ताकि MSMEs, स्टार्टअप्स, महिला और SC/ST उद्यमियों के लिए भी अधिक अवसर पैदा हों।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने कहा कि GeM ने प्रदेश के उद्यमियों के लिए सरकारी मांग तक पहुंच का सीधा माध्यम उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि खुले डिजिटल बाजार में किसी उद्यम की क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता महत्वपूर्ण होती है, जिससे छोटे और नए उद्यमों के लिए भी सरकारी बाजार में जगह बनाने के अवसर बढ़े हैं।
