रूस से तेल खरीद पर भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सही ठहराया है। यह पूछे जाने पर कि क्या चीन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हुई हालिया मुलाकात का मतलब रूस पर प्रतिबंधों का उल्टा असर पड़ना है, वोलोडिमिर जेलेंस्की ने मॉस्को के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाले देशों पर टैरिफ लगाने के अमेरिका के कदम का समर्थन किया और इसे सही विचार बताया।
जेलेंस्की ने किया ट्रंप का समर्थन (AP)
रूस से सौदा करने वाले देशों पर टैरिफ लगाना सही
मोदी-पुतिन मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर जेलेंस्की ने एबीसी न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा, मुझे लगता है कि रूस के साथ सौदे जारी रखने वाले देशों पर टैरिफ लगाना एक सही विचार है। जेलेंस्की से पूछा गया था, आपने इस हफ्ते मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक देखी...राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वे चीन के साथ गलत रास्ते पर चले गए हैं...जब आपने मोदी को वहां देखा, जिन्होंने रूस की मदद की है, तो उन पर प्रतिबंध लगाने की योजना भी उल्टी पड़ गई।
पिछले महीने अमेरिका के अलास्का में ट्रंप के साथ पुतिन की मुलाकात के लिए उनके भव्य स्वागत के बारे में पूछे जाने पर जेलेंस्की ने कहा, यह अफसोस की बात है कि यूक्रेन वहां नहीं था। जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति के मॉस्को आने के निमंत्रण को अस्वीकार करते हुए कहा कि ट्रंप ने पुतिन को वो दिया जो वो चाहते थे...वो अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलना चाहते थे... पुतिन सबको दिखाना चाहते थे कि वो वहां मौजूद हैं। वो कीव आ सकते हैं... मैं मॉस्को नहीं जा सकता जब मेरा देश मिसाइलों के घेरे में हो।
एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के तियानजिन में थे, जहां उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन द्वारा व्यापारिक साझेदारों पर लगाए गए टैरिफ को लेकर तनाव के बीच हुई इस बैठक से तीनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरे दृश्य वायरल हुए थे।
मोदी-शी-पुतिन की तिकड़ी से ट्रंप हुए हताश
भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू है, जिसमें से 25 प्रतिशत पहले डोनाल्ड ट्रंप ने लगाया था और उसके बाद रूसी तेल खरीद के लिए नई दिल्ली पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि एससीओ शिखर सम्मेलन के बाद भारत और रूस सबसे अंधकारमय चीन के हाथों खो गए हैं। मोदी-शी-पुतिन तिकड़ी की एक तस्वीर साझा करते हुए ट्रंप ने लिखा: लगता है कि हमने भारत और रूस को सबसे गहरे, सबसे अंधकारमय चीन के हाथों खो दिया है। उनका भविष्य एक साथ लंबा और समृद्ध हो!
