मध्य एशिया में एक बार फिर महायुद्ध की आहट सुनाई दे रही है। सीजफायर के बीच ईरान ने एक बार फिर इजरायल पर हमला कर दिया है। हालांकि, इजरायल की तरफ से अभी तक इस हमले का कोई जवाब नहीं दिया गया है। इस बीच इजरायल के चैनल 12 सहित कई मीडिया संस्थानों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू को कॉल करके कहा है कि ईरान के हमलों का जवाब न हें। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान से भी कहा है कि अब बातचीत की टेबल पर लौट आएं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने की नेतन्याहू से बात
Axios के रिपोर्टर बराक डेविड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें बताया कि वह ईरान के साथ डील फाइनल होने और युद्ध हमेशा के लिए खत्म करने के बहुत ही करीब थे। ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान के इजरायल पर किए गए मिसाइल अटैक के बाद मैं नहीं चाहता कि राजनीतिक पहल पर इसका कोई असर पड़े।
ट्रम्प कहा कि ईरान के हमले से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है, इजरायल अब जवाबी हमलानहीं करेगा। उनका कहना है कि अगर इजरायल इस हमले का जवाब देता है तो यह युद्ध वैसे ही चलता रहेगा, जैसा पिछले 47 सालों से चल रहा है और अगले 3000 साल तक चल सकता है।
बता दें कि ईरान द्वारा उत्तरी इजरायल की ओर मिसाइलें दागे जाने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच अहम बातचीत हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प ने नेतन्याहू से फोन पर बात कर उन्हें ईरान के खिलाफ तत्काल जवाबी कार्रवाई से बचने की सलाह दी।
बताया जा रहा है कि ट्रम्प का मानना है कि मौजूदा हालात ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौता वार्ताओं को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान को बातचीत की टेबल पर वापस लौटना चाहिए और जल्द से जल्द समझौता करना चाहिए। ट्रंप ने कहा, 'आपने मिसाइलें दाग दीं, अब इतना काफी है। वापस आइए और समझौता कीजिए।'
सोमवार को ईरान ने इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागीं। इसी साल अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद यह ईरान का पहला प्रत्यक्ष मिसाइल हमला माना जा रहा है। इजरायली सेना (IDF) ने पुष्टि की कि मिसाइलों की पहचान होते ही देश के कई हिस्सों में सायरन बजाए गए और रक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया गया।
इजरायली वायु सेना (IAF) के अनुसार, मिसाइलों को हवा में ही रोकने के लिए इंटरसेप्टर सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। साथ ही नागरिकों को सुरक्षित स्थानों और बंकरों में जाने के निर्देश जारी किए गए। सेना ने कहा कि लोगों को आधिकारिक सूचना मिलने तक सुरक्षित स्थानों में ही रहना चाहिए।
हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। इसके बावजूद क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दाहियेह इलाके में मौजूद कथित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमला किया था। यह कार्रवाई हिज्बुल्लाह द्वारा इजरायल पर की गई गोलीबारी के जवाब में की गई थी। ऐसे में पूरे क्षेत्र में संघर्ष के और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
