Top 5 Drones: ईरान-इजराइल युद्ध बता रहा कि आधुनिक युद्ध की तस्वीर कितनी तेजी से बदल रही है। जहां पहले लड़ाई टैंकों और पैदल सेना पर निर्भर थी, अब इनकी जगह हवाई हमलों ने ले ली है। लड़ाकू विमानों के साथ ही अब ड्रोन टेक्नोलॉजी युद्ध का सबसे घातक हथियार बनती जा रही है। ये ड्रोन किसी भी युद्ध में बेहद अहम भूमिका निभा रहे हैं। मिलिट्री ड्रोन कुछ ही मिनटों में बड़ा हमला करके तबाही मचाने की क्षमता रखते हैं। दुनिया के 5 सबसे खतरनाक ड्रोन के बारे में आपको बता रहे हैं।
एमक्यू-9 रीपर (MQ-9 Reaper)
एमक्यू-9 रीपर लड़ाकू ड्रोनों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। यह अपनी बहुमुखी प्रतिभा, सहनशक्ति और भारी हथियारों से लैस होने के लिए मशहूर है, और इसने कई बार युद्ध में अपनी क्षमता साबित की है। एमक्यू-1 प्रीडेटर के अगले संस्करण के रूप में डिजाइन किया गया, यह अमेरिका और दुनिया भर में सहयोगी सेनाओं के लिए एक अहम हथियार है। लेकिन हालिया ईरान युद्ध में ईरान ने अमेरिका के कई ताकतवर ड्रोन मार गिराए। जनरल एटॉमिक्स द्वारा 2000 के दशक की शुरुआत में विकसित, एमक्यू-9 ने 2001 में अपनी पहली उड़ान भरी और 2007 में अमेरिकी वायु सेना में शामिल हुआ। तब से, इसे बेहतर सेंसर, एआई-सहायता प्राप्त स्वायत्तता और एडवांस क्षमताओं के साथ लगातार अपग्रेड किया गया है।
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर युद्ध शुरू करने के बाद से अमेरिका ने कुल 9 रीपर ड्रोन गंवाए हैं। MQ-9 रीपर एक रिमोट से संचालित विमान है जिसका इस्तेमाल खुफिया, निगरानी और टोही अभियानों के लिए किया जाता है, लेकिन इसका उपयोग सटीक हमले करने के लिए भी किया जा सकता है। MQ-9 को आसानी से नष्ट किया जा सकता है क्योंकि इन्हें आतंकवाद-विरोधी वातावरण के लिए डिजाइन किया गया था जहां हवाई सुरक्षा बहुत कम या न के बराबर होती है। आधुनिक मिसाइल प्रणालियों वाले देशों के लिए यह उपयुक्त नहीं है। एक विमान की कीमत 30 मिलियन डॉलर से अधिक हो सकती है
शाहेद-136 (Shahed-136)
ईरान द्वारा विकसित शाहेद-131 और शाहेद-136 (Shahed-136) मानवरहित हवाई वाहन हैं जो बेहद घातक साबित हुए हैं। अरब देशों पर हमले में ईरान इनका व्यापक तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। ये किसी लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर उड़ सकते हैं और आदेश मिलने पर हमला कर सकते हैं। ये ड्रोन लंबी दूरी के मिशन के लिए डिजाइन किए गए हैं और इन्हें जमीनी प्लेटफार्म से लॉन्च किया जाता है। ईरान ने इन्हीं ड्रोन के दम पर खाड़ी देशों में तबाही मचाई। अमेरिका को भी इस ड्रोन से खासा नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी MQ-9 Reaper के मुकाबले ये बेहद सस्ता है, लेकिन इसका वार बेहद घातक है। इसकी कीमत $35,000 यानि करीब 32 लाख रुपए मानी जाती है।
Bayraktar TB2
Bayraktar TB2 आधुनिक युद्ध में सबसे बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाने वाले सैन्य ड्रोनों में से एक है। तुर्की की बायकर डिफेंस द्वारा विकसित इस ड्रोन ने ऐसे देशों को सैन्य मदद पहुंचाई है जो महंगे पश्चिमी देशों के यूएवी नहीं खरीद सकते। कम साधन-संपन्न देशों को किफायती, प्रभावी और तुरंत तैनाती योग्य हथियार प्रदान करके इसने ड्रोन युद्ध में क्रांति ला दी है। TB2 ने 2009 में अपनी पहली उड़ान भरी और 2014 में तुर्की सेना में शामिल हुआ। सीरिया, लीबिया, नागोर्नो-काराबाख और यूक्रेन में अपनी युद्धक सफलताओं के कारण इसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सैन्य ड्रोनों में से एक के रूप में मान्यता मिली है।
हेरॉन टीपी (Heron TP)
हेरॉन टीपी (Heron TP), जिसे ईतान के नाम से भी जाना जाता है, इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित एक एडवांस, उच्च-ऊंचाई, लंबी-अवधि (एमएएलई) रणनीतिक ड्रोन है। यह 26 मीटर पंखों वाला एक विशाल मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी) है, जो 30 घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरने, 45,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचने और 1,000 किलोग्राम से अधिक सेंसर, रडार और निगरानी उपकरण ले जाने में सक्षम है।
विंग लूंग II (Wing Loong II)
चीन के चेंगदू एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री ग्रुप (CAIG) द्वारा विकसित विंग लूंग II एक मध्यम ऊंचाई, लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाला (MALE) मानवरहित हवाई वाहन है जिसे कई प्रकार के मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है। खुफिया जानकारी जुटाने से लेकर आक्रमण अभियानों तक, यह चीनी MQ-9 का विकल्प एक किफायती ड्रोन है जिसने मध्य पूर्व, अफ्रीका और एशिया में काफी पसंद किया गया है।
