फ्रांस में स्कूलों के खिलाफ क्यों भड़के छात्र, 400 हाईस्कूलों के बंद होने की क्यों आई नौबत? समझें पूरा विवाद

यह विरोध पिछले सप्ताह राजधानी पेरिस से शुरू हुआ था। इसके बाद धीरे-धीरे देश के दूसरे हिस्सों में भी छात्र सड़कों पर उतरने लगे। शुक्रवार को कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने स्कूलों के मुख्य द्वार बंद कर दिए। पेरिस में लियोनार्ड डी विंची और गैस्टन-बाशेलार्ड हाईस्कूल के प्रवेश द्वारों के पास आग लगने की घटनाएं हुईं।

फ्रांस में स्कूलों की व्यवस्था को लेकर छात्रों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं, शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी तथा पढ़ाई के लंबे घंटों समेत कई मुद्दों को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन तेजी से फैल रहा है। शुक्रवार को देशभर में सैकड़ों स्कूल प्रदर्शन और विरोध-प्रदर्शनों की वजह से प्रभावित हुए। कई जगह स्कूलों के प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए, जबकि पेरिस और ल्योन समेत कुछ शहरों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।

फ्रांस के स्कूलों में क्यों हो रहे प्रदर्शन।

फ्रांस के स्कूलों में क्यों हो रहे प्रदर्शन।

फ्रांसीसी शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार को 564 हाईस्कूलों में प्रदर्शन या किसी तरह की बाधा दर्ज की गई। सरकार को आशंका थी कि देश के करीब 3,700 हाईस्कूलों में से लगभग 400 स्कूलों को बंद रखना पड़ सकता है। कई शिक्षण संस्थानों ने विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प अपनाया।

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