नहीं रहे USA के पूर्व MEA हेनरी किसिंजरः विदेश नीति की जंग के थे अंतिम पुरोधा, इंदिरा से लेकर मोदी तक से रहा कनेक्शन

  • Compiled by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 30, 2023, 03:39 PM IST

Who was Henry Kissinger: हेनरी को 1970 के दशक में भारतीय नेतृत्व के प्रति उनकी उपेक्षा के लिए जाना जाता है, पर बीते एक दशक से वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमेरिका-भारत के मजबूत संबंधों की वकालत कर रहे थे।

Who was Henry Kissinger: अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर नहीं रहे। बुधवार (29 नवंबर, 2023) को उनका निधन हो गया। वह 100 बरस के थे। उनकी परामर्श कंपनी ‘किसिंजर एसोसिएट्स’ की ओर से बताया गया कि कनेक्टिकट में उन्होंने अपने आवास पर प्राण त्यागे। हालांकि, मृत्यु का कारण नहीं बताया गया। वह अमेरिका की विदेश नीति की लड़ाई के अंतिम पुरोधा माने जाते थे। स्वतंत्र विश्व की भू-राजनीति पर उनके प्रभाव को कम करके नहीं आंका जा सकता। दूसरे विश्व युद्ध से लेकर (जब वह अमेरिकी सेना में सैनिक थे) शीत युद्ध के अंत तक और यहां तक कि 21वीं सदी में भी वैश्विक मामलों पर उनका महत्वपूर्ण निरंतर प्रभाव रहा। आइए, जानते हैं उनके बारे में विस्तार से:

Who was Henry Kissinger

अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर। (फाइल)

किसिंजर ने अमेरिका के दो राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन और गेराल्ड फोर्ड के कार्यकाल में सेवाएं दी थीं। उन्होंने वैश्विक मामलों पर असामान्य प्रभाव डाला था। यूएस के पूर्व विदेश मंत्री को वियतनाम युद्ध को खत्म करने और चीन के साथ अमेरिका के संबंध सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को याद किया जाता है। वह राजनयिक रूप से खासा सक्रिय रहते थे और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

हेनरी को 1970 के दशक में भारतीय नेतृत्व के प्रति उनकी उपेक्षा के लिए जाना जाता है, पर बीते एक दशक से वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमेरिका-भारत के मजबूत संबंधों की वकालत कर रहे थे। 2014 में मोदी के पीएम बनने के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार किसिंजर भारत के संग रिश्तों की वकालत कर रहे थे। कुछ लोगों का मानना है कि वह पिछले कुछ साल में पीएम मोदी के बड़े प्रशंसक बन गए थे।

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