Uzair Jan Baloch: अतीक अहमद की सनसनीखेज हत्या के बाद कई दूसरे माफिया डॉन चर्चा में आ गए हैं। अतीक की कहानी के बारे में अब तक लोगों को पूरी तरह पता ही लग चुका है। इसी सिलसिले में आपको बता रहे हैं पाकिस्तान के सबसे कुख्यात डॉन के बारे में जिसने इस पड़ोसी मुल्क में अपना अपराध और खौफ के दम पर अकूत धन-दौलत कमाई और खूब चर्चा में रहा। अतीक की तर्ज पर बलूच ने सियासत में भी कदम रखा था और पुलिस कार्रवाई से बचा रहा। हम आपको बता रहे हैं पाकिस्तान के नंबर 1 डॉन उजैर जान बलूच के बारे में जिसने यहां खूब आतंक फैलाया। आदित्य धर और रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर से ये डॉन फिर चर्चा में आ गया है। जानिए इसकी कहानी
उजैर जान बलूच (Facebook)
ईरान भाग गया था उजैर
उजैर जान बलूच का जन्म 11 जनवरी 1979 को ल्यारी, कराची में हुआ था। उसके पिता फैज मुहम्मद (मामा फैजू) एक ट्रांसपोर्टर थे जो ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत से संबंध रखते थे। उनके परिवार के कुछ सदस्य ईरान में रहते हैं और दोहरी ईरानी-पाकिस्तानी नागरिकता रखते हैं। उजैर ने 2001 में ल्यारी के मेयर पद के लिए नगरपालिका चुनावों में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में राजनीति में अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के हबीब हसन से हार गया था। 2003 में उसके पिता को फिरौती के लिए अगवा कर लिया गया और ल्यारी ड्रग माफिया हाजी लालू के बेटे अरशद पप्पू ने बेरहमी से उनकी हत्या कर दी थी। 2006 में ल्यारी के स्ट्रीट गैंग के खिलाफ एक अभियान से बचने के लिए उजैर ईरान भाग गया था। वहां उसने एक ईरानी पासपोर्ट और राष्ट्रीय पहचान पत्र हासिल किया। ऐसा कहा जाता है कि इसके बाद ही उजैर ने संगठित अपराध में प्रवेश किया, क्योंकि वह अपने पिता की हत्या का बदला लेना चाहता था।
चचेरे भाई के बुलावे पर गैंग में शामिल हुआ
उसने शुरुआत में अदालतों में अपने पिता की हत्या का मुकदमा लड़ा, लेकिन लालू के गिरोह से उसे धमकियां मिलीं। अरशद पप्पू उजैर के चचेरे भाई गैंगस्टर रहमान डकैत का प्रतिद्वंद्वी था, दोनों के बीच ल्यारी में जमीन और ड्रग्स को लेकर लड़ाई चलती रहती थी। चचेरे भाई रहमान ने उजैर को अपने गिरोह में शामिल होने के लिए कहा, लेकिन उसने शुरू में मना कर दिया, हालांकि बाद में राजी हो गया क्योंकि दोनों का एक ही दुश्मन था।
इसके बाद दोनों गिरोहों के सदस्यों ने एक-दूसरे को मारना शुरू कर दिया, इस मारकाट में हताहतों की संख्या सैकड़ों तक पहुंच गई। 2009 में डकैत पुलिस के साथ एक गोलीबारी के दौरान मारा गया और उजैर बलूच ने इस गिरोह पर कब्जा कर लिया। 2013 में अरशद पप्पू और उनके भाई यासिर अराफात का उजैर के गिरोह ने अपहरण कर लिया, दोनों को बेरहमी से यातनाएं देने के बाद उनका सिर कलम कर दिया गया। शवों को जलाए जाने से पहले उनकी लाशों को लोगों को दिखाया गया और अवशेषों को एक सीवर में फेंक दिया। बताया जाता है कि उजैर बलोच और उसके सहयोगी बाबा लाडला ने कथित तौर पर कटे हुए सिरों के साथ फुटबॉल खेला था। द फ्राइडे टाइम्स ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने की बात करते हुए बलोच ने कहा था- "यह कर्म है - जो होता है वह होता है"। इस तरह उजैर के अपराधों का सिलसिला शुरू हुआ और वह पाकिस्तान का सबसे बड़ा माफिया बन गया।
2014 में इंटरपोल द्वारा दुबई में गैंगस्टर उजैर जान बलोच की गिरफ्तारी की खबर के साथ वह फिर चर्चा में आया। 44 वर्षीय उजैर को ल्यारी में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी का राजनीतिक चेहरा माना जाता है। पीपीपी ने 2012 तक उजैर को बचाए रखा था। उसका इतना असर था कि पीपीपी को 2013 के आम चुनावों में लड़ने के लिए अपने कैडर से लोगों को चुनने के लिए उजैर की मांगों के आगे झुकना पड़ा। उजैर पर हत्या, जबरन वसूली और आतंकवाद सहित 20 से अधिक मामले दर्ज हैं।
इंटरपोल ने गिरफ्तार कर पाकिस्तान भेजा
वह जबरन वसूली, पुलिसकर्मियों और गिरोह के सदस्यों की हत्याओं के 50 से अधिक मामलों में वांछित है। देश में रेड वारंट जारी होने के बाद उजैर ने पाकिस्तान छोड़ दिया था। 29 दिसंबर 2015 को उसे इंटरपोल ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। उसे इंटरपोल ने हिरासत में ले लिया और पाकिस्तान वापस लाया गया। 30 जनवरी, 2016 को सिंध रेंजर्स ने सिंध हाई कोर्ट के आतंकवाद विरोधी न्यायालयों के प्रशासनिक न्यायाधीश से भौतिक रिमांड हासिल करने के बाद उजैर को हिरासत में ले लिया। वह सिंध रेंजर्स की हिरासत में कराची के मीठादार छात्रावास में बंद था। फरवरी 2016 में उजैर की पत्नी समीना बलूच ने सिंध हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर उसकी मेडिकल जांच के आदेश देने और परिवार के सदस्यों को उससे मिलने की अनुमति मांगी। 7 अप्रैल 2020 को उजैर बलूच को 12 साल कैद की सजा सुनाई गई और सेंट्रल जेल कराची भेज दिया गया।
उजैर की धन-दौलत
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उजैर बलूच के पास ल्यारी में एक इनडोर स्विमिंग पूल वाला चार मंजिला हवेली है, इसके अलावा दुबई में 1.1 मिलियन दिरहम का एक घर, दुबई इंटरनेशनल सिटी में 0.5 मिलियन दिरहम का एक ऑफिस है। इसके अलावा मस्कट में 0.6 मिलियन दिरहम का एक प्लॉट और 0.9 मिलियन दिरहम कीमत का एक बंगला है। साथ ही चाबहार में 10 मिलियन दिरहम की संपत्ति है। सभी संपत्तियां उसके करीबी रिश्तेदारों या दोस्तों के नाम पर पंजीकृत हैं। दुबई में उसके चार बैंक खाते भी हैं, जिनमें 1 मिलियन दिरहम हैं, और चकीवाड़ा और हब में लाखों रुपये की जमीन है। उसके पास पाकिस्तान के सबसे महंगे हथियार और राइफलें भी हैं।
