White House Dinner Shooting: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन स्थित हिलटन होटल में व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के वार्षिक डिनर के दौरान फायरिंग की आवाजों से हड़कंप मच गया। कार्यक्रम में करीब 2600 लोग मौजूद थे, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप, मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक 5 से 8 राउंड फायरिंग जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद पूरे हॉल में भगदड़ मच गई।
वॉशिंगटन स्थित हिलटन होटल में हुई फायरिंग को लेकर पत्रकार ने कई सवाल खड़े किए। Beatrice Peterson x handle
गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई। इस वारदात ने पूरी दुनिया को चौंका कर रखा दिया। सबसे बड़ा सवाल है कि जिस होटल में दुनिया का सबसे शक्तिशाली शख्स मौजूद हो, वहां कोई व्यक्ति गोली लेकर दाखिल हो जाए और ताबड़तोड़ गोलियां कैसा बरसा सकता है?
पिछले 15 वर्षों से इस इवेंट और इसकी प्री-पार्टियों को कवर कर रही अनुभवी पत्रकार बीट्राइस पीटरसन ने सोशल मीडिया के जरिए इस आयोजन के सुरक्षा प्रोटोकॉल और अंदरूनी माहौल पर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उनके विश्लेषण के अनुसार, इस साल की घटना ने 'लोकतंत्र के इस उत्सव' की सूरत हमेशा के लिए बदल दी है।
कहां हुई चूक?
बीट्राइस ने समझाया कि हिल्टन होटल के अंदर सुरक्षा के दो अलग-अलग स्तर होते हैं।
प्री-पार्टीज का माहौल
मुख्य डिनर से पहले होटल के विभिन्न सैलून में कई पार्टियां चलती हैं। ये 'इनवाइट-ओनली' तो होती हैं, लेकिन यहां मेहमानों, अधिकारियों और मीडिया का आना-जाना काफी लचीला (Fluid) होता है। यहां सुरक्षा तैनात तो होती है, लेकिन स्क्रीनिंग का स्तर उतना सख्त नहीं होता।
मुख्य डिनर का 'लॉक्ड डाउन' जोन
मुख्य डिनर हॉल में प्रवेश के लिए मेटल डिटेक्टर, क्रेडेंशियल चेक और बेहद सख्त एक्सेस कंट्रोल से गुजरना पड़ता है। पीटरसन के अनुसार, इस साल भी सेटअप हमेशा की तरह ही था, लेकिन फिर भी हमलावर का मेटल डिटेक्टर के इतने करीब पहुंच जाना एक बड़ी पहेली है।
"दिखने वाली और अदृश्य सुरक्षा": सादे कपड़ों में तैनात थे एजेंट
बीट्राइस ने बताया कि होटल के अंदर और बाहर यूनिफॉर्म के साथ-साथ भारी संख्या में सादे कपड़ों (Plainclothes) में भी सुरक्षा एजेंट तैनात रहते हैं। उन्होंने गौर किया कि इस साल जब राष्ट्रपति आने वाले थे, तो भीड़ और सुरक्षा का स्तर पिछले सालों जैसा ही सामान्य लग रहा था। यानी सुरक्षा में कोई कमी 'दिख' नहीं रही थी, फिर भी यह हादसा हो गया।
"अब कभी पहले जैसा नहीं होगा यह डिनर"
पत्रकार पीटरसन ने एक बहुत बड़ी बात कही है कि इस घटना के बाद अब कई जांच एजेंसियां अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी और सुरक्षा में हुई विफलताओं को तलाशेंगी। लेकिन सबसे कड़वा सच यह है कि इस गोलीबारी ने WHCD के उस स्वरूप को खत्म कर दिया है जैसा हम पिछले 100 सालों से देखते आ रहे थे। अब भविष्य में इस आयोजन की सुरक्षा और पहुंच को इतना कड़ा किया जा सकता है कि इसकी 'सहजता' हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
