West Asia War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को कहा कि ईरान के साथ कोई भी समझौता तब तक पूरी तरह प्रभावी नहीं होगा, जब तक वह अंतिम रूप से हस्ताक्षरित और लागू नहीं हो जाता। उन्होंने यह बयान अमेरिका (US) के Turning Point USA event in Phoenix के दौरान दिया, जहां उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों पर विस्तार से बात की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो- AP)
अमेरिका की नाकाबंदी रहेगी जारी
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलने और जहाजों की आवाजाही के लिए तैयार होने की घोषणा कर दी है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना (US Navy) की नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक ईरान के साथ समझौता 100 प्रतिशत पूरा नहीं हो जाता। उनके मुताबिक, दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेना और सैन्य ताकत इस क्षेत्र में पूरी क्षमता के साथ मौजूद रहेगी।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके। उन्होंने दावा किया कि ईरान समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों (सी माइंस) को हटाने की प्रक्रिया में लगा है और यह कदम क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि उन्होंने संवर्धित यूरेनियम को विदेश भेजने या किसी बड़े समझौते पर सहमति नहीं दी है।
बातचीत रहेगी जारी
इसी दौरान ट्रंप ने लेबनान और इजराइल के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम को एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता लंबे समय से असंभव माना जा रहा था, लेकिन अमेरिकी मध्यस्थता से इसे संभव बनाया गया। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी रहेगी और सप्ताहांत में भी वार्ता का दौर चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर प्रगति हुई है, लेकिन अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए अभी कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को पूरा करना जरूरी है। उनके अनुसार, जैसे ही समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर हो जाएंगे, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को समाप्त किया जा सकता है।
