Trump on Iran : यूनाइटेड किंगडम के किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि वह ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे। संवाददातों के बीच ट्रंप ने कहा, हम इस समय मध्य पूर्व में काम कर रहे हैं... हमने उस विशेष दुश्मन को सैन्य रूप से परास्त कर दिया है, और हम उसे कभी भी ऐसा करने नहीं देंगे। चार्ल्स (यूनाइटेड किंगडम के राजा चार्ल्स तृतीय) मुझसे भी अधिक सहमत हैं। हम उस शत्रु को कभी भी परमाणु हथियार रखने नहीं देंगे।
ट्रंप का दावा- हमने ईरान को हरा दिया
तो आप फ्रेंच भाषा बोल रहे होते...
वहीं, किंग चार्ल्स तृतीय ने हल्के फुल्के अंदाज में कहा, आपने हाल ही में टिप्पणी की थी, श्रीमान राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रम्प), कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका न होता, तो यूरोपीय देश जर्मन भाषा बोल रहे होते। क्या मैं यह कहने की हिम्मत कर सकता हूं कि यदि हम न होते, तो आप फ्रेंच भाषा बोल रहे होते।
मंगलवार को किंग चार्ल्स अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करने जा रहे हैं। वह 1991 में अपनी मां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बाद ऐसा करने वाले पहले ब्रिटिश शासक होंगे। बुधवार को शाही जोड़ा 9/11 मेमोरियल जाएगा और गुरुवार को बरमूडा के लिए रवाना होगा। माना जा रहा है कि चार्ल्स अपनी कूटनीतिक कुशलता से ईरान युद्ध के मुद्दे को अपने संबोधन में कूटनीतिक तरीके से संबोधित कर सकते हैं।
ट्रंप से महाराजा चार्ल्स तृतीय की मुलाकात
इससे पहले ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय ने सोमवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। यह हाई-प्रोफाइल राजकीय यात्रा ऐसे समय में हुई है जब ईरान युद्ध को लेकर वाशिंगटन और लंदन के बीच कूटनीतिक दरार गहरी होती जा रही है। साथ ही, ट्रंप पर हुए एक ताजा हमले के प्रयास ने इस यात्रा की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
व्हाइट हाउस में शाही स्वागत
चार्ल्स और क्वीन कैमिला का व्हाइट हाउस के 'साउथ पोर्टिको' में राष्ट्रपति ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने गर्मजोशी से स्वागत किया। ट्रंप और चार्ल्स को धूप में हाथ मिलाते और कुछ अनसुनी निजी बातचीत करते देखा गया।
