Yevgeny Prigozhin news : रूस में विद्रोह करने वाले वैगनर ग्रुप के मुखिया येवगेनी प्रिगोझिन ने बड़ा बयान दिया है। प्रिगोझिन ने रूसी सेना पर अपने लड़ाकों की हत्या करने का आरोप लगाया है। रिपोर्टों के मुताबिक प्रिगोझिन ने कहा है कि वह रूस की सेना को सबक सिखाने के लिए निकला है और उसके रास्ते में जो कोई भी आएगा, उसे वह तबाह कर देगा। उसके पास 25 हजार लड़ाके हैं जो अपनी जान देने के लिए तैयार हैं।
रोस्तोव शहर में लड़ाकों के दाखिल होने की खबर
रिपोर्टें इस बात की भी हैं कि प्रिगोझिन के लड़ाके रोस्तोव शहर में दाखिल हो गए हैं। वे टैंकों के साथ कई शहरों की तरफ बढ़ रहे हैं। उन्होंने मास्को में सेना मुख्यालय को घेर लिया है। कई जगह आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। वैगनर ग्रुप के इस विद्रोह के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुतिन प्रशासन ने प्रिगोझिन की गिरफ्तारी का आदेश दिया है।
रूस के लिए लड़ता आया है वैगनर ग्रुप
बता दें कि वैगनर ग्रुप भाड़े के मिलिशिया का एक समूह है। यह समूह रूस के लिए काम करता आया है। पहली बार यह समूह क्रीमिया युद्ध में सामने आया। इसने क्रीमिया पर कब्जा करने में रूस की मदद की। इस समूह में रूसी सेना में काम कर चुके लोग, जेल से छोड़े गए अपराधी शामिल हैं। ग्रुप में शामिल लड़ाकों को रूसी सेना ने ही प्रशिक्षित किया है। वैगनर ग्रुप को लड़ने के लिए युद्ध सामग्री और उनका भुगतान मास्को ही करता आया है।
ट्रेनिंग कैंप पर मिसाइल से हमला करने का आरोप
यूक्रेन युद्ध में भी यह ग्रुप रूस की सेना का मदद कर रहा है। बताया जा रहा है कि प्रिगोझिन यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन की कार्यशैली से नाराज है। उसका कहना है कि मिसाइल हमलों में उसके लड़ाकों की जान गई है। प्रिगोझिन का आरोप है कि रूसी सेना ने वैगनर ट्रेनिंग कैंप पर मिसाइल से हमला किया। इस हमले में उसके लड़ाकों की जान गई।
अपनी ज्यादतियों के लिए बदनाम है यह समूह
इस बगावत के बाद मास्को में रूसी सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है। क्रेमलिन और ड्यूमा की सुरक्षा में टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों के साथ रूसी स्पेशल फोर्सेज के कमांडो को तैनात किया गया है। दुश्मन पर बर्बर हमले के लिए कुख्यात वैगनर समूह अपनी ज्यादतियों के लिए दुनिया भर में बदनाम है। रक्षा विशेषज्ञ इसे प्रिगोझिन की झुंझलाहट के रूप में देख रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि उसने हताशा एवं निराशा में यह कदम उठाया है। उसके पास इतनी क्षमता नहीं है कि वह रूसी सेना का टक्कर ले सके। खुद रूसी फौज उन्हें निशाना बनाना नहीं चाहेगी।
