Bangladesh Violence: बांग्लादेश में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के कारण वहां फंसे 300 से अधिक लोग मेघालय पहुंच गए हैं, जिनमें भारतीय, नेपाली और भूटान के नागरिक शामिल हैं। इनमें से अधिकतर छात्र हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पूर्वोत्तर के एक अन्य राज्य असम की सरकार ने कहा कि वह पड़ोसी देश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय के लगातार संपर्क में है। बांग्लादेश में गुरुवार को सरकारी नौकरियों के लिए आरक्षण प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान राजधानी ढाका और अन्य जगहों पर हिंसा भड़कने से कम से कम 18 और लोगों की मौत हो गई तथा 2,500 से अधिक लोग घायल हो गए। इसके साथ ही विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से मरने वालों की संख्या 25 हो गई है।
बांग्लादेश में हिंसा
202 भारतीयों सहित 310 लोग मेघालय पहुंचे
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, आज शाम तक बांग्लादेश में हिंसा के कारण फंसे 310 भारतीय, नेपाली और भूटानी नागरिक यहां 'दावकी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट' के जरिए भारत पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि 310 लोगों में से 202 भारतीय हैं, 101 नेपाली और भूटान के सात नागरिक हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से अधिकतर छात्र हैं। मेघालय सरकार भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए बांग्लादेश उच्चायोग और भूमि पत्तन प्राधिकरण के साथ लगातार संपर्क में है।
छात्रों का विरोध प्रदर्शन
बांग्लादेश में गुरुवार को सरकारी नौकरियों के लिए आरक्षण प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान राजधानी ढाका और अन्य जगहों पर हिंसा भड़कने से कम से कम 18 और लोगों की मौत हो गई। साथ ही 2,500 से अधिक लोग घायल हो गए। इसके साथ ही विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से मरने वालों की संख्या 25 हो गई है।
युद्ध नायकों के रिश्तेदारों को आरक्षण
ढाका और अन्य शहरों में विश्वविद्यालय के छात्र 1971 में पाकिस्तान से देश की आजादी के लिए लड़ने वाले युद्ध नायकों के रिश्तेदारों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कुछ नौकरियों को आरक्षित करने की प्रणाली के खिलाफ कई दिनों से रैलियां कर रहे हैं। समाचारपत्र द डेली स्टार ने कहा- प्रदर्शनकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों तथा सत्तारूढ़ पार्टी के लोगों के बीच आज देश भर में हुई झड़पों में कम से कम 18 लोग मारे गए तथा 2,500 से अधिक लोग घायल हो गए।
क्या बोले प्रदर्शनकारी
विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के मुख्य समूह ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ ने कहा कि प्रधानमंत्री के शब्द निष्ठाहीन हैं और यह उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हत्याओं एवं तबाही को प्रतिबिंबित नहीं करता है। प्रदर्शनकारियों ने सत्तारूढ़ पार्टी की छात्र शाखा बांग्लादेश छात्र लीग पर आरोप लगाया कि वह पुलिस के समर्थन से उनके शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर हमला कर रही है।
