अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के बेटे हंटर बाइडन की मुश्किलें फिलहाल कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गुरुवार (14 सितंबर, 2023) को उन्हें लगभग पांच साल पुराने केस में संघीय आग्नेयास्त्रों के आरोप (Federal Firearms charges) में दोषी ठहराया गया। और सरल भाषा में समझें तो यह बंदूक रखने से जुड़ा मामला है। दरअसल, साल 2018 के इस केस में उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया गया था। संघीय अभियोजकों का इस केस में आरोप था कि हैंडगन की खरीद को लेकर नशीली दवाओं के इस्तेमाल के बारे में हंटर ने झूठ बोला था।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के पुत्र हंटर बाइडन। (फाइल)
चुनावी रेस में पिता, साख को लगेगा बट्टा?
बाइडन के बेटे के खिलाफ पिछले कुछ समय से जांच चल रही थी, जबकि इससे पहले भी बाइडन के पुत्र विवादों में रहे हैं। वर्ष 2021 में उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने पिता के खाते से कॉर्ल गर्ल (वेश्या) को 25 हजार डॉलर्स ट्रांसफर किए थे। यह भी बताया गया था कि उस महिला ने हंटर के साथ तब कुछ समय बिताया था। रोचक बात है कि यह पूरा घटनाक्रम इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि उनके पिता फिर से चुनाव के लिए दौड़ में हैं और यह चीज उनकी साख पर बड़ा नकारात्मक असर भी डाल सकती है।बाइडन के खिलाफ महाभियोग जांच के निर्देश, जो ने किया खारिज
बाइडन के पिता के खिलाफ इससे पहले प्रतिनिधि सभा को महाभियोग जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया था। यूएस प्रतिनिधि सभा के स्पीकर केविन मैक्कार्थी ने मंगलवार को घोषणा की थी कि उन्होंने सदन को निर्देश दिया है कि वह राष्ट्रपति जो के परिवार से जुड़े व्यापारिक सौदों को लेकर उनके खिलाफ महाभियोग जांच शुरू करे। प्रतिनिधिसभा की अब तक की जांच बाइडन परिवार के इर्दगिर्द केंद्रित ‘‘भ्रष्टाचार की संस्कृति की तस्वीर पेश करती है’’, क्योंकि रिपब्लिकन पार्टी डेमोक्रेटिक नेता बाइडन के राष्ट्रपति पद संभालने से पहले से ही उनके बेटे हंटर के व्यापारिक सौदों की जांच कर रही है।मैक्कार्थी ने आगे यह भी बताया था, ‘‘ये सत्ता के दुरुपयोग, व्यवधान और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप हैं, जिनकी प्रतिनिधि सभा की ओर से गहन जांच किए जाने की जरूरत है।’’ वहीं, दूसरी ओर व्हाइट हाउस ने मैक्कार्थी के कदम की आलोचना करते हुए राष्ट्रपति चुनाव अभियान के बीच में की गई इस कार्रवाई को ‘‘सबसे निचले स्तर की राजनीति’’ बताया। हालांकि, राष्ट्रपति जो ने बुधवार देर रात प्रतिनिधि सभा के रिपब्लिकन नेताओं की महाभियोग जांच को खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि रिपब्लिकन नेताओं ने उनके खिलाफ जांच शुरू की क्योंकि वे संघीय सरकार का कामकाज ठप करना चाहते हैं।
