CAA के लागू होने के बाद अमेरिका की पहली प्रतिक्रिया, भारतीय कानून पर कही यह बात

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 15, 2024, 09:41 AM IST

US reaction on CAA : सीएए को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। विपक्ष की दलील है कि धर्म के आधार पर नागरिकता देना संविधान का उल्लंघन है। उसकी आपत्ति मुस्लिम समुदाय को इससे बाहर रखने पर भी है।

US reaction on CAA : भारत में नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA) के लागू होने के बाद अमेरिका ने प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि वह भारत में सीएए की अधिसूचना जारी होने को लेकर 'चिंतित है और इस कानून के क्रियान्यवन पर उसकी करीबी नजर है।' अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने गुरुवार को अपनी नियमित ब्रीफिंग में प्रेस से कहा, '11 मार्च को जारी हुए सीएए की अधिसूचना के बारे में हम चिंतित हैं।'

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सीएए के लागू होने पर अमेरिका ने दी प्रतिक्रिया।

धार्मिक आजादी बुनियादी लोकतांत्रित सिद्धांत-अमेरिका

एक सवाल के जवाब में मिलर ने कहा, 'किस तरह से इस कानून को लागू किया जा रहा है, इस पर हमारी करीबी नजर है। धार्मिक आजादी और सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार का आदर बुनियादी लोकतांत्रित सिद्धांत हैं।' बता दें कि भारत सरकार ने गत 11 मार्च को सीएए की अधिसूचना जारी कर दी। इस अधिसूचना के साथ यह कानून देश भर में लागू हो गया। इस कानून के तहत धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए छह अल्पसंख्यक समुदायों हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन एवं पारसी को भारतीय नागरिकता दी जाएगी।

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