मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर अमेरिका पर हमला किया है। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, मंगलवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। सेंटकॉम ने इस कार्रवाई को "सरप्राइज अटैक" (अचानक हमले का प्रयास) करार दिया है और दावा किया है कि अमरीकी एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है।
सांकेतिक फोटो
अमरीकी सेना का दावा- हमले में कोई नुकसान नहीं
अमरीकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी देते हुए बताया कि इस हमले में दागी गई सभी मिसाइलों को अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। साथ ही अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क और हाई अलर्ट पर है।
जॉर्डन के अमेरिकी बेस को बनाया गया निशाना
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने जॉर्डन स्थित अमरीकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। यह हमला उस समय हुआ जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक समाधान के लिए ईरान पर सैन्य कार्रवाई अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया था।
कुवैत और कतर ने की निंदा
अमेरिका के खिलाफ ईरान की इस कार्रवाई के बाद कुवैत और कतर ने जॉर्डन पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। दोनों देशों ने इसे जॉर्डन की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। साथ ही उन्होंने जॉर्डन के साथ अपनी एकजुटता और समर्थन दोहराया।
ट्रंप ने दी थी नई सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के कुछ घंटों बाद हुए, जिसमें ईरान पर खास तौर पर फोकस किया गया था। हमले से कुछ घंटे पहले फॉक्स न्यूज (Fox News) को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा था कि अगर ईरान अमेरिका के साथ कोई समझौता नहीं करता है तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है और ईरान के अहम ढांचों को निशाना बना सकता है। उन्होंने कहा, "अगर ईरान समझौता नहीं करता तो हम फिर लौटेंगे और अपना काम पूरा करेंगे।" ट्रम्प ने कहा कि इसके बाद ईरान को खुद को दोबारा खड़ा करने में सालों लग जाएंगे।
